फीरोजाबाद में कोरोना से ज्‍यादा घातक डेंगू और बुखार का कहर

फीरोजाबाद में कोरोना से ज्‍यादा घातक डेंगू और बुखार का कहर

कांचनगरी और सुहागनगरी के नाम से भी देश में मशहूर फीरोजाबाद में डेंगू और बुखार का कहर खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है। अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर में कोहराम मचाया तो हालात भयावह थे। बाजाराें में कोरोना कर्फ्यू और हर शाम मौत के आंकड़े डराते थे। कोरोना की दूसरी लहर में मचे कोहराम को बुखार ने पीछे छोड़ दिया है। कोरोना काल में जहां आगरा मंडल में सबसे कम मौतें हुई थी, वहीं अब डेंगू और बुखार ने कोरोना को पीछे छोड़ दिया है। आगरा मंडल में सबसे ज्यादा और तेज मौतें जिले में हो रही हैं। पिछले 37 दिनों में मरने वालों का आंकड़ा 154 पर पहुंच गया, जिसमें एक सौ दस से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।

जिले में कोरोना के केस पहली बार तीन अप्रैल 2020 को आए थे। इसके बाद लाकडाउन चलता रहा। अप्रैल से मार्च 2021 के बीच जिले के 70 लोगों की मौतें हुई थीं। वहीं अप्रैल 2021 में आई कोरोना की दूसरी लहर में अप्रैल और मई के बीच 65 लोगों की जान गई। अगस्त के दूसरे सप्ताह से शुरू हुआ डेंगू और बुखार अब कोहराम मचा रहा है।

सरकारी ट्रामा सेंटर में पहले जैसे हालात

कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा भयावह स्थिति सरकारी ट्रामा सेंटर की थी। पत्थर की बेंच और स्ट्रैचर पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। डेंगू और बुखार के कहर में अब हालात पुराने जैसे नजर आ रहे हैं। हर रोज मरीजों की संख्या बढ़ रही है और बेंच पर इलाज चल रहा है।

कोरोना और डेंगू से हुईं मौतों का आंकड़ा

- कोरोना से अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक मौतें: 70

- कोरोना से अप्रैल 2021 से मई 2021 तक मौतें: 65

- डेंगू और बुखार से 11 अगस्त से 31 अगस्त तक मौतें: 55

- डेंगू और बुखार से 1 सितंबर से 14 सितंबर तक माैतें: 101

मौत की रफ्तार, 14 दिन 82 मौतें

एक सितंबर- छह

दो सितंबर- नौ

तीन सितंबर- चार

चार सितंबर- चार

पांच सितंबर- पांच

छह सितंबर- चार

सात सितंबर- चार

आठ सितंबर- आठ

नौ सितंबर- पांच

10 सितंबर- पांच

11 सितंबर- छह

12 सितंबर- चार

13 सितंबर- आठ

14 सितंबर- दस

15 सितंबर- सात

16 सितंबर- 12

डेंगू से मौतों के आंकड़े में स्वास्थ्य विभाग की बाजीगरी

डेंगू के कहर को रोकने में नाकाम स्वास्थ्य विभाग अब मौत के आंकड़ों को छुपाने लगा है। बाजीगरी का खेल ऐसा चल रहा है कि मौतें रिकार्ड में दर्ज नहीं की जा रही है। हर दिन मासूम काल के गाल में समा रहे हैं और बस्तियों में चीत्कार मचा है। जवान आगरा से दिल्ली के अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं। मौतों के आडिट और घर-घर जाकर सर्वे की कहानी मनमाने तरीके से लिखी जा रही है। असलियत यह है कि 14 सितंबर तक अब तक डेंगू और बुखार 135 से ज्यादा जिंदगी लील चुका है और स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा 61 पर सिमटा है।


सीएम योगी का निर्देश- जमाखोरों व मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करें, नियंत्रण में आएगी महंगाई

सीएम योगी का निर्देश- जमाखोरों व मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करें, नियंत्रण में आएगी महंगाई

उत्तर प्रदेश में खाद्य तेलों के साथ अन्य उत्पादों के तेजी से बढ़ते दाम पर अब सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में उच्च सतरीय टीम -09 के साथ बैठक के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने टीम को सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सब्जियों, खाद्य तेलों और दाल के मूल्य में अचानक तेजी देखी जा रही है। भारत सरकार ने इस संबंध में स्टॉक लिमिट भी तय की है। इसी कारण जमाखोरों के खिलाफ छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि सभी जगह मूल्य नियंत्रित रहें। इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। इतना ही नहीं त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी की हर शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।


जनपदों में 28 से दीपावली मेला

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में 28 अक्टूबर से दीपावली मेले का आयोजन प्रारंभ हो रहा है। दीपावली मेले में स्थानीय शिल्पकला, व्यंजन आदि उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाए। इन मेलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। अधिकाधिक जनता को मेले से जोडऩे का प्रयास हो।

मौसम जनित बीमारियों का तेजी से हो इलाज


मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू, कॉलरा, डायरिया मलेरिया सहित वायरल से प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता बरती जाए। एटा, मैनपुरी और कासगंज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पहुंच गई है, विशेषज्ञों की यह टीम स्थानीय चिकित्सकों का मार्गदर्शन करेगी। अस्वस्थ लोगों के उपचार के लिए सभी अस्पतालों में प्रबंध किए गए हैं। सर्विलांस को बेहतर करते हुए हर एक मरीज के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए। बचाव के लिए व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग का कार्य सतत जारी रखें। सभी जगह पर निगरानी समितियों को एक्टिव करने की जरूरत है।