कोरोना संकट से हुये लॉकडाउन के बीच तेजी से चल रहा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य

कोरोना संकट से हुये लॉकडाउन के बीच तेजी से चल रहा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य

लखनऊ। वैश्विक महामारी (Pandemic) कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के फैलाव से बचाव के लिए सारे देश में लॉकडाउन (Lockdown) जारी है।  इस कड़ी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण काम ने एक बार फिर से तेजी पकड़ ली है। लॉकडाउन के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण काम में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वहीं मजदूरों, मशीन चालकों व ठेकेदारों को आदेश दिया गया है कि वे बिना आवश्यक एक-दूसरे के सम्पर्क में ना आएं। इसके साथ ही लगातार मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जा रहा है व स्वच्छता का भी ध्यान रखा जा रहा है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का 42 फीसदी से अधिक का काम पहले ही पूरा हो तुका है। अब बाकी बचे काम को तेज गति में पूरा किया जा रहा है। बता दें कि राजधानी लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। यह एक्सप्रेस-वे करीब 341 किमी लंबा है। लाॅकडाउन में थमा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण काम 20 अप्रैल से फिर प्रारम्भ कर दिया गया है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे करीब 341 किमी लंबा है

इससे पहले यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक ऑफिसर अवनीश अवस्थी ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में लखनऊ को छोड़कर सभी आठ पैकेज में कार्य प्रारम्भ हो गया है। इनमें औसतन दस हजार से अधिक श्रमिक कार्य करते हैं, लेकिन वैसे 4835 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के क्रम में सम्बन्धित जिले के जिलाधिकारियों को इस बात की सूचना दे दी गयी है।

लखनऊ शहर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में ठेकेदार, पीआईयू के कार्यालय खुल चुके हैं तथा निर्माण काम शुरू किया जा चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगे हुए कुल मजदूरों की संख्या औसत रूप से 10,000 हैं, जिसमें से वर्तमान में 4,835 मेहनतकश इस समय 8 पैकेजों में उपस्थित हैं। अवस्थी ने बताया कि सभी ठेकेदारों को यह आदेश दिए गए हैं कि वे मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा उनके बीच दूरी बनाये रखने के नियम का पालन कराना सुनिश्चित करें। लॉकडाउन से पूर्व 42 फीसदी से अधिक भौतिक काम पूर्ण कर लिया गया था। अब शेष काम को त्वरित गति से पूर्ण कराया जाएगा।