CM योगी 27 को जाएंगे गोंडा, देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की रखेंगे आधारशिला

CM योगी 27 को जाएंगे गोंडा, देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की रखेंगे आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 नवंबर को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह मैजापुर चीनी मिल में देश के सबसे बड़े डिस्टलरी प्लांट की आधारशिला रखेंगे। 350 केएल (किलोलीटर) क्षमता के प्लांट की स्थापना पर 455.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्लांट में गन्ने के जूस, चीनी के घोल, जौ, मक्का व अन्य अनाज से एथेनॉल बनाया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह के मुताबिक इससे छोटा 250 केएल की क्षमता वाला डिस्टलरी प्लांट लखीमपुर खीरी जिले के अजवापुर चीनी मिल में है। गोंडा में नया डिस्टलरी प्लांट मई 2022 में बनकर तैयार हो जाएगा। डीएम मार्कण्डेय शाही ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।


डिस्टलरी प्लांट की स्थापना से क्या होंगे फायदे 

किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान मिल सकेगा
उत्पादन सीमित होने पर चीनी का मूल्य कम नहीं होगा
पेट्रोलियम पदार्थ की कीमत कम करने में मदद मिलेगी
तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को रोजगार
जिले में एथेनॉल उत्पादन में वृद्धि होगी
गोदाम में अनाज खराब नहीं होगा, किसानों को उचित मूल्य मिलेगा
गन्ने की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ेगा
व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी
15 मेगावाट बिजली का भी होगा उत्पादनः डिस्टलरी प्लांट की स्थापना के लिए चीनी मिल प्रबंधन ने 26 हेक्टेयर भूमि चयनित की है। इसमें प्लांट के अलावा कर्मचारियों के लिए आवास के साथ ही अन्य भवन भी बनाए जाएंगे। परिसर में 15 मेगावाट क्षमता का बिजली उत्पादन केंद्र भी बनेगा। मैजापुर चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक संदीप अग्रवाल का कहना है ये प्लांट किसानों की खुशहाली का नया रास्ता खोलेगा। तकनीकी शिक्षा प्राप्त बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही एथेनॉल के उत्पादन से पेट्रोलियम पदार्थ के मूल्य में भी गिरावट आएगी।


Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

Uttar Pradesh: यूपी में ढ़ाई महीने बाद एक ही दिन में आए कोरोना के 28 मामले

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में एक बार फिर कोरोना संक्रमण (Corona infection) सिर उठा रहा है. राज्य में ढाई महीने बाद कोरोना के एक दिन में 27 नए मरीज मिले हैं. इससे पहले 24 सितंबर को 28 मरीज मिले थे. जानकारी के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा नौ मरीज मिले हैं. जबकि वाराणसी में तीन, लखनऊ, मथुरा और बरेली में दो-दो और गाजीपुर, गोंडा, कानपुर और संत कबीरनगर में एक-एक मरीज मिले हैं. जिसके बाद राज्य सरकार चौकन्नी हो गई है.

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोगों द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन नहीं करने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है. राज्य में नए मामले सामने आने के बाद सक्रिय मामले फिर से बढ़कर 116 हो गई. शुक्रवार को 93 सक्रिय मामले थे. वहीं राज्य में पिछले 24 घंटे में 1.51 लाख कोरोना टेस्ट किए गए. राज्य में ढाई महीने पहले जब 28 मरीज मिले थे तो उस दिन 2.20 लाख नमूनों की जांच की गई थी. वहीं राज्य में अब तक कुल 8.81 करोड़ कोरोना टेस्ट हो चुके हैं. राज्य के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन को देखते हुए लोगों से बेहद सावधानी बरतने की अपील की है और कहा कि लोग मास्क पहने और दो गज की दूरी को बनाकर रखें. वर्तमान में सबसे अधिक 22 मरीजों की संख्या गौतमबुद्ध नगर में है.

अगले साल जनवरी में आ सकती है कोरोना की तीसरी लहर

फिलहाल देश में ओमीक्रॉन ने दस्तक दे दी है और कर्नाटक, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एक मामला मिला है. वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले साल की शुरुआत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आ सकती है. क्योंकि ओमीक्रॉन वैरिएंट कोरोना के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है. अब तक के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद पद्मश्री पुरस्कार विजेता प्रो मनिंद्र अग्रवाल ने माना है कि जनवरी के बाद देश में तीसरी लहर आ सकती है.

भारतीयों में विकसित हो चुकी हैं नेचुरल इम्युनिटी

प्रो. मनिंद्र अग्रवाल का मानना है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमीक्रॉन वैक्सीन वाली इम्युनिटी को बाईपास करने में सक्षम है. हालांकि उनका कहना है कि प्राकृतिक इम्युनिटी वाले व्यक्ति को ये वायरस बाईपास नहीं कर पाया है. क्योंकि भारत के लोगों में नेचुरल इम्युनिटी विकसित हो चुकी है. लिहाजा इस वायरस का ज्यादा असर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद लोगों में नेचुरल इम्युनिटी है. अग्रवाल ने कहा कि अगर यह माना जाए कि ओमीक्रॉन भारत में पहले ही फैलने लगा है तो अगले साल के शुरुआती महीनों में तीसरी लहर चरम पर होगी.