चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ आज बैठक करेगा निर्वाचन आयोग, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में दी जाएगी जानकारी

चुनाव पर्यवेक्षकों के साथ आज बैठक करेगा निर्वाचन आयोग, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में दी जाएगी जानकारी

आयोग के शीर्ष अधिकारी विभिन्न सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों को चुनाव ड्यूटी के दौरान उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देंगे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से सात मार्च के बीच होने हैं और मतगणना 10 मार्च को होगी।



आईएएस, आईपीएस, आईआरएस और विभिन्न लेखा सेवाओं के अधिकारियों को पर्यवेक्षक के तौर पर सेवा के लिए तैयार किया जाता है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद आयोग आमतौर पर पर्यवेक्षकों को उन्हें सौंपी गई भूमिकाओं के बारे में जानकारी देता है। बैठक के दौरान, निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में व्यापक जानकारी दी जाती है।
वहीं, आयोग चुनावी रैलियों, रोड शो और पद यात्राओं पर लगी पाबंदियों को लेकर शनिवार को चर्चा कर सकता है। आठ जनवरी को पांच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों पर 15 जनवरी तक के लिए पाबंदी लगा दी थी।


Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।