शादी करके सुहागरात पर दूल्हा और उसके परिवार वालों को छल देकर भागने वाले रैकेट का पर्दाफाश

शादी करके सुहागरात पर दूल्हा और उसके परिवार वालों को छल देकर भागने वाले रैकेट का  पर्दाफाश

शादी करके सुहागरात पर दूल्हा और उसके परिवार वालों को छल देकर भागने वाले रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पकड़े गए इस रैकेट में आठ महिलाएं और पुरुष शामिल हैं. पुलिस पूछताछ में शातिरों ने बताया कि उसने न सिर्फ पुलिस महकमे के होश उड़ा दिए बल्कि सभी भौचक रह गए. पूछताछ में सामने आया है कि रैकेट में शामिल पुरुष बिचौलिए बनते थे, महिलाएं एक रात की दुल्हन. सुहगरात के दिन दुल्हन बनने वाली स्त्री दूल्हे को मादक पदार्थ देकर माल समेटकर फरार हो जाती थी.

एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि अतरौली के राजेश नाम के आदमी ने कम्पलेन की थी कि उसकी पहली पत्नी का देहांत हो गया है. वह दूसरी विवाह करना चाहता है. झारखंड के कुछ लोग उसके संपर्क में आए. उन्होंने विवाह कराने की एवज में 80 हजार रुपये ले लिए. इसके बाद विवाह कराने से मुकर गए. राजेश के अनुसार उसने अधिक पैसे देने का लालच देकर शातिरों को अलीगढ़ बुलाया. मंगलवार को इनको गांधी पार्क बस अड्डे पर थाना पुलिस को मानव स्मग्लर रैकेट होने की सूचना देते हुए अरैस्ट करा दिया था. पुलिस पूछताछ में पहले तो इस रैकेट ने गुमराह किया. मगर, कड़ाई से पूछताछ होने पर वह टूट गए.

शादी के विज्ञापन देकर फंसाते थे

एसपी सिटी के अनुसार रैकेट ने पूछताछ में बताया कि वह विवाह के विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को फंसाते थे. जो भी विवाह को तैयार होता था. उसे चार स्त्रियों के फोटो भेजे जाते थे. जिसे जो स्त्री पसंद आती थी, उससे विवाह तय करा दी जाती थी. विवाह कराने की एवज में 50 हजार से एक लाख रुपये तक लिए जाते थे. इसके बाद अन्य महिलाएं और पुरुष पसंद आई स्त्री की मां, बहन, सम्बन्धी आदि की किरदार में रहते थे. विवाह होने के बाद दुल्हन बनकर घर जाने वाली स्त्री अपने साथ मादक पाउडर ले जाती थी. पहली ही रात को उक्त पाउडर को दूल्हे सहित उसके परिवार के सदस्यों को खाने-पीने में दे देती थी. उनके बेहोश होने पर घर से कीमती सामान और जेवरात, नगदी लेकर फरार हो जाते थे.

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फर्जी आधार कार्ड मिले

गैंग के पास से बड़ी मात्रा में सभी सदस्यों के फर्जी आधार कार्ड मिले हैं. लड़का जिस धर्म का होता था, उसे उसी धर्म के नाम का फर्जी आधार कार्ड पेश कर लड़की दिखाई जाती थी. लुटेरी दुल्हन गैंग के नेटवर्क को पुलिस खंगाल रही है. झारखंड से लेकर दिल्ली तक तलाश की जा रही है. पुलिस इनके पीड़ितों को भी तलाश रही है, जिससे कि मुकदमे को और अधिक मजबूत बनाकर न्यायालय में चार्जशीट पेश की जा सके. हाल में मुजफ्फरनगर के एक आदमी को ठगा था. इस गैंग का एक सदस्य लोधा में रहता है. यह विवाह के विज्ञापन पढ़ने के बाद अपना शिकार फंसाते थे. पुलिस ने सभी को कारागार भेज दिया है.

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झूठी निकली काम की तलाश वाली कहानी 

पुलिस ने पहले इस रैकेट पर मानव स्मग्लिंग का अंदेशा जाहिर किया था. इस गैंग में तीन महिलाएं, जिनके नाम हिंदू धर्म के हैं. उन्होंने पुलिस को बताया था कि वह तीन दिन पहले काम की तलाश में झारखंड से दिल्ली गई थीं. वहां काम पसंद नहीं आया और पैसे किराए तक को समाप्त हो गए. इस पर उन्होंने पूर्व परिचित सईद अंसारी को संपर्क किया. सईद ने स्वयं को अलीगढ़ में होने की बात कहते हुए उनको यहां बुला लिया था. स्त्रियों की यह कहानी पुलिस पड़ताल में फर्जी पाई गई.

ये शातिर चढ़े पुलिस के हत्थे

  • फूलवती (29) पत्नी स्वर्गीय भूषण निवासी सुगड़ा थाना जिला सिमडेगा झारखंड
  • उर्मिला देवी (28) पत्नी सीता राम निवासी कोठी थाना जाडी जिला गुमला
  • शांति देवी (29) पत्नी जीत भान माली निवासी लोहरदगा थाना लोहरदगा जिला लोहरदगा
  • नफीसा (30) पत्नी रहीम अंसारी निवासी सुरंदा बानटोली थाना भांड्रा जिला लोहरदगा झारखंड
  • रहीम अंसारी (35) पुत्र जहमू निवासी सुंदरवान टोली थाना बांद्रा जिला लोहरदगा झारखंड
  • कलाम खान (38) पुत्र इदरीश खान निवासी राइट लोधा निवासी झारखंड
  • सईद अंसारी (43) पुत्र जमाल अंसारी निवासी जीतलीदढ़ थाना पैये जिला लोहरदगा झारखंड
  • लक्ष्मण लोहरा (45) पुत्र उदी लोहरा निवासी पौहाहा थाना भाद्रा जिला लोहरदगा