अयोध्या स्थित राम की पैड़ी पर स्नान कर रहे दंपति से मारपीट

अयोध्या स्थित राम की पैड़ी पर स्नान कर रहे दंपति से मारपीट

अयोध्या यूपी की धर्मनगरी अयोध्या स्थित राम की पैड़ी पर स्नान कर रहे दंपति से हाथापाई के मुद्दे में अब नया मोड़ आ गया है करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह ने स्वीकार किया है कि करणी सेना के लोगों ने ही राम की पैड़ी पर अश्लील हरकत कर रहे दंपति से हाथापाई की थी पुलिस ने इस मुद्दे में अज्ञात के विरूद्ध मामला दर्ज किया है

करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सनी सिंह ने स्वीकारा है कि 15 जून को दोपहर 3:30 बजे के आसपास राम की पैड़ी पर करणी सेना के लोगों के साथ बैठक कर रहे थे और उसी दरमियान उन्हें पता चला कि राम की पैड़ी में स्नान कर रहे दंपत्ति अश्लील हरकत कर रहे थे सिंह ने बोला कि वहां पर बच्चे और महिलाएं भी थी इस वजह से उन्हें रोका गया टोकने के बाद भी जब वह नहीं मानें तो उनकी पिटाई की गई करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा, ‘आवश्यकता पड़ी तो इस तरह के कदम आगे भी उठाए जाएंगे अयोध्या को गोवा नहीं बनने दिया जाएगा

सनी सिंह ने कहा, ‘घटना 15 जून को शाम 3:30 बजे की है उस दिन करणी सेना की एक आवश्यक बैठक राम की पैड़ी पर थी और इस संपूर्ण मुद्दे में अज्ञात के विरूद्ध केस दर्ज किया गया है अज्ञात के विरूद्ध केस दर्ज करने की जरूरत नहीं है इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी करणी सेना लेती है’ सनी सिंह ने बोला कि लगभग 20 मिनट तक राम की पैड़ी में पानी के अंदर दंपति अश्लील हरकत कर रहे थे और उन्हें रोकने का कोशिश किया गया जब वह नहीं मानें तो इस ढंग का कदम उठाना पड़ा और चेतावनी देते हुए उन्होंने फिर बोला है कि यदि आगे भी इस ढंग का मामला होगा तो इस ढंग का कदम करणी सेना उठाएगी

करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने मांग करते हुए बोला कि या तो फिर राम की पैड़ी पर पुलिस की तैनाती हो जो देखे कि इस ढंग की वारदात आगे ना हो यदि इस ढंग की घटना आगे होगी तो जिस ढंग का कदम करणी सेना के लोगों ने उठाया है, हम ऐसा कदम दोबारा उठाएंगे उन्होंने अपील करते हुए बोला कि यहां पर जो भी आए दर्शन पूजन करें उनका सब का स्वागत है, लेकिन ऐसा काम ना करें जिससे कि धार्मिक नगरी की शोभा बिगड़े उन्होंने कहा, यह अयोध्या है इसे अयोध्या ही रहने दें गोवा बनाने का कोशिश ना करें

सनी सिंह ने इसके साथ ही मांग करते हुए बोला कि अज्ञात के विरूद्ध दर्ज किया गया केस वापस हो पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्न चिह्न उठाते हुए बोला कि अज्ञात के विरूद्ध हाथापाई का मामला दर्ज किया गया, जबकि पुलिस को चाहिए था कि वह दंपति के विरूद्ध मामला दर्ज करे और उनको बताए कि आप धर्म नगरी में आकर इस ढंग की अश्लील हरकत कर रहे हैं, इसलिए आप के विरूद्ध केस दर्ज किया जा रहा है


अब दवाओं के साइड इफेक्ट को भी बतायेगा IIT कानपुर

अब दवाओं के साइड इफेक्ट को भी बतायेगा IIT कानपुर

हम लोग जो दवाइयां खाते है उनका शरीर, कोशिकाओं और अन्य हिस्सों में क्या असर होता है यह जानने के लिए अब हमें अन्य राष्ट्रों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. अब यह सुविधा आईआईटी कानपुर में जल्द प्रारम्भ होने जा रही है. इस संस्थान ने राष्ट्र का सबसे बड़ा माइक्रोस्कोप आ गया है. इसे साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड के 30 करोड़ रुपये के योगदान से नीदरलैंड से मंगवाया गया है. यह स्कोप इतना बड़ा है कि इसके लिए नयी बिल्डिंग बनवाने की तैयारी भी पूरी की जा चुकी है. अभी माइक्रोस्कोप को संस्थान की हवाई पट्टी के पास एडवांस इमर्जिंग सेंटर में रखवाया गया है. यह माइक्रोस्कोप क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप कहता है, जिसके माध्यम से प्रोटीन की सिग्नलिंग कराई जा सकती है.

दवाइयां बनाने की प्रोसेस होगी आसान
किडनी, लिवर, दिमाग, फेफड़े, दिल आदि में परेशानी होने पर प्रोटीन की सिग्नलिंग प्रभावित हो जाती है. कई बार इसकी रफ्तार काफी तेज हो सकती है. जानकारों के अनुसार कोशिकाओं के अंदर एक प्रोटीन से दूसरे प्रोटीन को संदेश देना या रासायनिक बदलाव कराने से परफेक्ट दवाएं बनाई जा सकेगी. ऐसे दवाइयां बनाने की प्रोसेस राष्ट्र में काफी आसान हो सकेगी.

10 हजार किलो वजन है
स्कोप आईआईटी के बायोलॉजिकल साइंस एंड बायो इंजीनियरिंग के प्रो अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि, क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप में (-180) डिग्री सेल्सियस तक का तापमान रखने की सुविधा है. इसका वजन करीब 10 हजार किलो है. अभी पैकिंग खोली नहीं गई है. इसके लिए नयी बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसमें जब यह स्कोप चले तो वाइब्रेशन एकदम भी न हो.

देश भर के संस्थान ले सकेंगे सहयोग
स्टार्टअप इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रो अमिताभ बंद्योपाध्याय ने बताया कि, संस्थान में सुविधा मिलने के बाद नया सेंटर खोलने की प्लानिंग है, जिसका लाभ राष्ट्र भर के संस्थान ले सकेंगे. क्रायो इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सुविधा उन्हें मिल सकेगी. नयी दवाएं खोजने में काफी सरलता होगी. यह काफी सस्ती होंगी. अभी ज्यादातर फार्मूले विदेशी कंपनियों के हैं, उन्होंने उसका पेटेंट करा रखा है