महिला टी-20 वर्ल्ड कप में प्रयोग होगी फ्रंट फुट नो-बॉल टेक्नोलॉजी

महिला टी-20 वर्ल्ड कप में प्रयोग होगी फ्रंट फुट नो-बॉल टेक्नोलॉजी

खेल डेस्क। इस वर्ष होने वाले महिला टी-20 वर्ल्ड कप में पहली बार फ्रंट फुट नो-बॉल टेक्नोलॉजी को लागू किया जाएगा. यह जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने मंगलवार को दी. आईसीसी टूर्नामेंट में ऐसा पहली बार होगा. इस टेक्नोलॉजी के तहत थर्ड अंपायर हर एक गेंद के दौरान बॉलर के पैर पर पैनी नजर रखेगा. यदि नोबॉल होती है, तो वह मैदानी अंपायर से बात करेगा.

आईसीसी ने अपने बयान में कहा- जब यह तकनीक लागू होती है, उस स्थिति में मैदानी अंपायर को फ्रंट फुट नोबॉल देने के लिए थर्ड अंपायर से बात करनी होती है. अन्य दूसरे प्रकार की नोबॉल का निर्णय अंपायर खुदसे ले सकते हैं.

अब तक 12 मैचों में यह तकनीक प्रयोग हुई
सबसे पहले इस टेक्नोलॉजी को ट्रायल के तौर पर 2016 में पाकिस्तान-इंग्लैंड वनडे सीरीज में लागू किया गया था. पिछली बार हिंदुस्तान व वेस्टइंडीज सीरीज में इस तकनीक का प्रयोग हुआ था. हर बार ट्रायल पास रहा. अब तक यह टेक्नोलॉजी 12 से ज्यादा मैचों में प्रयोग की गई. इस दौरान कुल 4717 गेंदों में से 13 नोबॉल (0.28 प्रतिशत) निकलीं. हर बार थर्ड अंपायर का निर्णय ठीक रहा.

आईसीसी के जनरल मैनेजर ने कहा, ‘‘क्रिकेट अभी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड पर है. इस समय यह टेक्नोलॉजी को लागू करना बिल्कुल ठीक रहेगा. मुझे विश्वास है कि यह तकनीक महिला टी-20 वर्ल्ड कप में नोबॉल को लेकर होने वाली छोटी-छोटी गलतियों को कम करेगा. नोबॉल अंपायर के लिए एक कठिन निर्णय होता है.’’