खेल मंत्रालय ने भारतीय कोचों द्वारा एलीट एथलीटों को कोचिंग देने पर सैलरी की ऊपरी सीमा, दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा

खेल मंत्रालय ने भारतीय कोचों द्वारा एलीट एथलीटों को कोचिंग देने पर सैलरी की ऊपरी सीमा, दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा

खेल मंत्रालय ने शनिवार को भारतीय कोचों द्वारा एलीट एथलीटों को कोचिंग देने पर सैलरी की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा की, जिससे वे बेहतर रिजल्ट देने के लिए प्रोत्साहित हों व पूर्व खिलाड़ियों को हाई परफॉर्मेंस कोचिंग बनने के लिए उत्साहित किया जा सके। मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी विदेशी कोचों के अनुबंध को अगले वर्ष 30 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय किया, जिसके बाद यह घोषणा की गई। इसके साथ ही ओलंपिक से तालमेल बैठाते हुए अब भारतीय व विदेशी कोच को चार वर्ष के लिए चुनने का निर्णय किया गया। खेल मंत्री किरन रिजिजू ने कहा, 'कई भारतीय कोच बहुत अच्छे रिजल्ट दे रहे हैं व उन्हें कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत करने की जरूरत है। सरकार देश भर से बेस्ट कोचिंग प्रतिभाओं को आकर्षित करने की इच्छुक है। एलीट एथलीटों को कोचिंग देने के लिए हम नहीं चाहते हैं कि कोच के ऊपरी वेतन की कोई सीमा रुकावट बने। ' मंत्रालय की विज्ञप्ति में बोला गया है कि पूर्व महान एथलीटों को खेल तंत्र में आकर्षित करने के लिए बढ़ी हुई सैलरी व लंबी अनुबंध अवधि की पेशकश की जाएगी। इसका मकसद ओलंपिक सहित प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को कोचिंग देने के लिए उनके अनुभव व कौशल का उपयोग करना है।

पहले से विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में कार्य करने वाले प्रख्यात कोचों को नियुक्ति पर जुड़ने व चार वर्ष के अनुबंध के साथ-साथ उच्च वेतन संरचना के लिए पात्र होने की अनुमति दी जाएगी। कोचों के सैलरी का निर्धारण पूर्व-एलीट वर्ग के एथलीट के प्रदर्शन व कोच के तौर पर उसकी सफलता पर अधारित होगा। मंत्रालय के बयान के मुताबिक, 'सभी नए कोच व मौजूदा कोच जिन्हें नया अनुबंध दिया गया है, वे राष्ट्रीय शिविर व भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केन्द्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे जिनका चयन खेल मंत्रालय व राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। '

इस कदम का स्वागत करते हुए बैडमिंटन के राष्ट्रीय मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा, 'यह लंबे समय से खेल बिरादरी की मांग रही है। मैं इस निर्णय से बहुत खुश हूं क्योंकि यह कई प्रतिभाशाली प्रशिक्षकों व पूर्व महान एथलीटों को इस पेशे में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा। ' खेल मंत्रालय 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 महमारी के समाप्त होने के बाद जमीनी स्तर की प्रतिभा खोजना फिर से प्रारम्भ करेगा।