भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी के शादी के 10 वर्ष सारे होने पर वाइफ ने शेयर की कुछ खास तस्वीरें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी के शादी के 10 वर्ष सारे होने पर वाइफ ने शेयर की कुछ खास तस्वीरें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी के जिंदगी में जुलाई का महीना बहुत ही खास है। महेन्द्र सिंह धोनी के ज़िंदगी की जुलाई के महीनें में दो सबसे बड़ी व यादगार घटना हुई है। जिसमें पहली घटना तो उनका खुद का जन्म जुलाई के महीनें में ही हुआ है तो वहीं उन्होंने अपने ज़िंदगी की दूसरी पारी यानि विवाह भी इसी महीने जुलाई में ही की है। महेन्द्र सिंह धोनी के ज़िंदगी के लिए जुलाई का महीना रहा है खास जुलाई का महीना वाकई में महेन्द्र सिंह धोनी के ज़िंदगी के लिए बहुत ही यादगार रहा है। इसी महीनें की 7 तारीख यानि 7 जुलाई 1981 को महेन्द्र सिंह धोनी का जन्म हुआ है तो वहीं 4 जुलाई 2010 को महेन्द्र सिंह धोनी ने विवाह रचायी है। ये वर्ष 2020 चल रहा है तो साथ ही इस वर्ष का जुलाई महीना जारी है। इस महीनें की 4 जुलाई कल यानि शनिवार को गुजरी है। इस दिन महेन्द्र सिंह धोनी ने अपनी विवाह की 10वीं सालगिरह मनायी।

शादी की 10वीं वर्षगांठ होने पर धोनी-साक्षी ने किया सेलिब्रेशन: महेन्द्र सिंह धोनी ने 4 जुलाई शनिवार को अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ अपने 39वें जन्मदिन के बिल्कुल 3 दिन पहले विवाह की वर्षगांठ के 10 वर्ष पूरा होने पर सेलिब्रेशन किया। अपनी विवाह के सारे एक दशक होने पर इस कपल ने सेलिब्रेशन किया। महेन्द्र सिंह धोनी व साक्षी धोनी के बीच पहली बार मुलाकात वर्ष 2007 में हुई थी। जब कोलकाता के एक होटल में भारतीय टीम रूकी थी। उस दौरान रिसेप्शन पर उपस्थित साक्षी रावत के साथ धोनी की मुलाकात हुई जो बाद में प्यार के साथ ही विवाह में बदल गई। बाद में साक्षी के साथ धोनी ने 4 जुलाई 2010 के एक छोटे से प्रोग्राम में विवाह के बंधन में बंधे।

साक्षी ने 10वीं वर्षगांढ पर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया भावुक संदेश: अपनी विवाह की दसवी वर्षगांठ सारे होने के मौका पर साक्षी धोनी ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया। साक्षी धोनी ने जो पोस्ट लिखा है वो उनके ज़िंदगी के लिे बड़ा ही भावुकता में लिखा है। इसमें साक्षी धोनी ने पोस्ट में लिखा कि हम अपने टीम वर्क के कारण 10 वर्ष से साथ हैं। एक-दूसरे को उनका स्पेस देते हुए हम बहुत ज्यादा परिपक्व हुए। वहीं एक-दूसरे पर नाराज रहते हुए करीब भी आए। हमने जिस तरह से चीजों को अहमियत तय की उससे हमें उनकी सम्मान पता चली। हमने एक-दूसरे पर किसी तरह के लिए जबरदस्ती नहीं की। हर उतार-चढ़ाव मे साथ रहने के साथ ही हमें प्यार के असल जादू के बारे में पता चला।