आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप: इस गेंदबाज ने लगभग पलट ही दिया था फाइनल मैच, लेकिन...

आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप: इस गेंदबाज ने लगभग पलट ही दिया था फाइनल मैच, लेकिन...

पोचेफ्स्ट्रूम। आईसीसी अंडर 19 वर्ल्ड कप (Under 19 World Cup) के फाइनल में बांग्लादेश ने हिंदुस्तान को 3 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 177 रनों पर सिमट गई व इस लक्ष्य को विरोधी टीम ने 42.1 ओवर में हासिल कर लिया। पोचेफ्स्ट्रूम में खेले गए फाइनल मैच में बांग्लादेश की टीम ने हिंदुस्तान से अच्छा प्रदर्शन किया व आखिर में उसने फाइनल में विजयी पताका लहराते हुए पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। हालांकि इस जीत को हासिल करने में उसके पसीने छूट गए। भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने 4 झटके देकर बांग्लादेश को एक समय सकते में डाल दिया।

हिंदुस्तान के रवि बिश्नोई अंडर 19 वर्ल्ड कप 2020 के सबसे पास गेंदबाज बने।

रवि बिश्नोई की शानदार गेंदबाजी
भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 177 रनों पर ढेर हो गई थी, जवाब में बांग्लादेश की टीम ने बिना विकेट खोए 50 रन भी बना लिये थे लेकिन इसके बाद हिंदुस्तान के लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने पूरा मैच पलट कर रख दिया। रवि बिश्नोई ने एक के बाद एक बांग्लादेश के चार बल्लेबाजों को पैवेलियन की राह दिखाकर हिंदुस्तान की मैच में गजब की वापसी कराई।

रवि बिश्नोई की गुगली ने किया सभी को प्रभावित

बिश्नोई के शिकार
रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) के पहले शिकार तनजिद हसन बने, जिन्होंने उनकी गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की प्रयास की व लॉन्ग ऑन पर कार्तिक त्यागी को कैच दे बैठे। बिश्नोई का वास्तविक खेल 13वें ओवर में शुरु हुआ, जब उन्होंने 4 रनों के अंदर बांग्लादेश के 3 व विकेट गिरा दिये। बिश्नोई ने महमदुल जॉय को 8 रन पर बोल्ड किया। हृदॉय बिना खाता खोले LBW आउट हुए व फिर वीरगति हुसैन को भी बिश्नोई ने 1 रन पर स्टंप आउट करा दिया।

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वर्ल्ड कप में झटके सबसे ज्यादा विकेट
बता दें रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने बांग्लादेश के विरूद्ध चार विकेट झटकते ही अंडर 19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट अपने नाम कर लिये। उन्होंने इस टूर्नामेंट में 17 विकेट अपने नाम लिये। उनका बेस्ट प्रदर्शन जापान के खिलाफ 5 रन देकर 4 विकेट रहा। हालांकि रवि की मेहनत फाइनल मैच में बेकार रही। हिंदुस्तान ने उनके अच्छे प्रदर्शन के बावजूद खिताबी मुकाबला गंवा दिया व बांग्लादेश पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बना।