जाने कौन से चार तेज गेंदबाजों की वजह से आज टीम इंडिया के पास है बेहतरीन पेस अटैक

जाने कौन से चार तेज गेंदबाजों की वजह से आज टीम इंडिया के पास है बेहतरीन पेस अटैक

नयी दिल्ली: इन चारों तेज गेंदबाजों की वजह से आज टीम इंडिया के पास क्रिकेट जगत का सबसे बेहतरीन पेस अटैक है। ये चारों ऐसे गेंदबाज हैं जो भारतीय टीम को किसी भी तरह की पिच पर व किसी भी माहौल में विपक्षी टीम के विकेट दिला सकते हैं व टीम का पलड़ा मैच में भारी कर सकते हैं। अपने साथी तेज गेंदबाजों की तारीफ में अब शमी ने भी कई बड़ी बातें कही हैं।

टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) से वार्ता के दौरान न सिर्फ शमी ने भारतीय पेसर्स की तारीफ की, इसके साथ ही उन्होनें ये भी बोला कि उनके, इशांत, बुमराह व उमेश के अतिरिक्त भी हिंदुस्तान के पास ऐसे गेंदबाज हैं जोकि बहुत ज्यादा गति से गेंदबाजी करते हैं व विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को किसी भी दिन ढेर कर सकते हैं। इस बारे में बात करते हुए शमी ने कहा, 'ये बात संसार जानती है कि हिंदुस्तान ने एक बार में कभी भी 5 असली तेज गेंदबाजों को पैदा नहीं किया। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ। हमारे पास रिजर्व में ऐसे गेंदबाज हैं जो 145 किलोमीटर की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। '

शमी ने आगे बताया कि भारतीय पेसर्स के बीच किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा नहीं है व कोई भी एक दूसरे से ईर्ष्या नहीं करता। भारतीय तेज गेंदबाजों के बीच संबंध इतने मजबूत हैं कि सभी एक दूसरे की सक्सेस को एंजॉय करते हैं। इस बारे में शमी ने कहा, 'यह सबसे अच्छा पेस अटैक है क्योंकि किसी को भी कोई ईर्ष्या नहीं है व हर कोई एक दूसरे की सफलता का आनंद लेता है। ये एक परिवार की तरह लगता है। ईशांत शर्मा को देखो। वो 100 टेस्ट खेलने की कगार पर हैं। ये कोई उपलब्धि नहीं है लेकिन अगर आप उससे बात करेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि वो किस तरह के इंसान हैं। वह बहुत ही जमीन से जुड़े है। '

यहां समझने की बात ये है कि एक जमाना था जब भारतीय क्रिकेट टीम विदेशी जमीन पर एक टेस्ट मैच में 20 विकेट लेने के लिए तरसती थी, लेकिन अब अपने पेस अटैक की वजह से टीम इंडिया को किसी भी विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को धराशयी करना सरल लगता है। कई क्रिकेट महान हिंदुस्तान की इस पेस चौकड़ी को संसार का सबसे खतरनाक बॉलिंग अटैक घोषित कर चुके हैं व कई महान खिलाड़ियों ने तो हिंदुस्तान की इस पेस चौकड़ी की तुलना 80 के दशक की वेस्टइंडीज की टीम से की है।