फ्रेंचाइजी को बड़ा झटका, वॉर्नर इस वजह से लीग में नहीं लेंगे हिस्‍सा!

फ्रेंचाइजी को बड़ा झटका, वॉर्नर इस वजह से लीग में नहीं लेंगे हिस्‍सा!

नई दिल्‍ली। पहले से ही भारतीय प्रीमियर लीग (Indian Premier League) में डेविड वॉर्नर (David Warner) के हिस्‍सा लेने की आसार कम नजर आ रही है। इसी बीच उन्‍होंने इस वर्ष से प्रारम्भ होने वाली फ्रेंचाइजी आधारित लीग 'द हंड्रेड' (The Hundred) में न खेलने का निर्णय लिया है। इंग्‍लैंड एंड वेल्‍स क्रिकेट बोर्ड इसी सीजन से द हंड्रेड लीग प्रारम्भ करने की योजना बना रही थी, मगर इस पर भी कोरोना वायरस (Coronavirus) का संकट मंडरा रहा है। द हंड्रेड (The Hundred) नाम से होने वाली इस लीग में हर पारी में 100 गेंदें फेंकी जाएंगी। यह टूर्नामेंट जुलाई में प्रारम्भ होना है व अगस्‍त के मध्‍य में इसका समाप्ति होगा।



वहीं ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज डेविड वॉर्नर (David Warner) ने निर्णय लिया है कि वह इस लीग के उद्घाटन सीजन में हिस्‍सा नहीं लेंगे। वॉर्नर को एक फ्रेंचाइजी ने मोटी रकम में खरीदा था व उनके इस निर्णय से टीम को बड़ा झटका लगा है। साउथर्न ब्रेव ने करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये में वॉर्नर को अपने साथ शामिल किया था। छोटे फॉर्मेट में वॉर्नर संसार के बेहतरीन बल्‍लेबाजों में से एक हैं। हालांकि ऐसा माना जा रहा था कि वॉर्नर ने यह निर्णय कोरोना के चलते नहीं लिया है, बल्कि माजरा ही कुछ व है।

नेशनल टीम है प्राथमिकता
डेविड वॉर्नर (David Warner) के लिए नेशनल टीम अहमियत है व इसी वजह से वह इस लीग में नहीं खेलेंगे। इस दौरान वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए जिम्बाब्वे के विरूद्ध वनडे सीरीज खेलेंगे।  खबरों की मानें तो इस लीग से सिर्फ डेविड वार्नर ही नहीं, बल्कि अन्य बड़े ऑस्‍ट्रेलियाई खिलाड़ी भी नाम वापस ले सकते हैं।

ऐसी चर्चा है कि स्‍टीव स्मिथ (Steve Smith), एरॉन फिंच, ग्‍लेन मैक्‍सवेल, मिचेल स्‍टार्क, क्रिस लिन, नाथन कूल्‍टर नाइल, एडम जंपा व डी आर्ची अपना नाम वापस ले सकते हैं। हालांकि डेविड वॉर्नर (David Warner) के मैनेजर ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि अगर आईपीएल (Indian Premier League) का 13वां सीजन होता है, तो वह इसमें हिस्‍सा लेंगे। दरअसल कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण 29 मार्च से प्रारम्भ होने वाले आईपीएल (IPL) को 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। 15 अप्रैल तक विदेशियों के हिंदुस्तान आने पर रोक लगा दी गई है। इसी वजह से विदेशी खिलाड़ी भी इस लीग के लिए हिंदुस्तान नहीं आ सकते।