एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने 29 वर्षों बाद आखिरकार पाकिस्तानी से हिंदुस्तान आएंगे 6 पहलवान

एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लेने 29 वर्षों बाद आखिरकार पाकिस्तानी से हिंदुस्तान आएंगे 6 पहलवान

29 वर्षों बाद आखिरकार पाकिस्तानी पहलवानों को हिंदुस्तान में खेलने का मौका मिल ही गया है। यहां 18 से 23 फरवरी तक होने वाली एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में पाकिस्तानी पहलवान भाग लेने आएंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने छह पाकिस्तानी पहलवानों को वीजा दे दिया है। पाक के पहलवान सोहेल राशिद, मुहम्मद रियाज, तयाब रजा, रहमान अब्दुल, जमन अनवर व मुहम्मद बिलाल को वीजा मिल गया हैं।

भारतीय कुश्ती महासंघ के एक सूत्र ने बोला हैं कि पाक के साथ हमारे देश के संबंध अच्छे नहीं है, लेकिन ओलंपिक चार्टर को निभाने के लिए सरकार को वीजा देना पड़ा है। इन पहलवानों के मैच चैंपियनशिप में 21 फरवरी को होंगे व यह दल 20 फरवरी को हिंदुस्तान आ जाएगा लेकिन अब उनके भेजने या नहीं भेजने का फैसला पाक को करना है। इससे पहले हिंदुस्तान के कबड्डी खिलाड़ी भी पाक पहुंच गए थे, जिस पर बहुत ज्यादा टकराव खड़ा हुआ था। पिछली बार पाक इस चैंपियनशिप में दिल्ली में 1991 में खेला था। तब वह एक रजत पदक के साथ सबसे नीचे नौवें जगह पर रहा था। हालांकि कुश्ती की दुनिया संस्था यूडब्ल्यूडब्ल्यू व अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आइओसी) का डब्ल्यूएफआइ पर चीनी पहलवानों को वीजा देने का दबाव बना हुआ है व अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उस पर प्रतिबंध भी लग सकता है।

चीनी पहलवानों के मैच 18 फरवरी से ही प्रारम्भ हो जाएंगे व कोरोना वायरस के वजह से उनके वीजा पर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। वहीं, सूत्र ने ये भी बताया कि डब्ल्यूएफआइ ने अभी तक दूसरे राष्ट्रों को चीनी पहलवानों के आने की स्थिति साफ नहीं की जिसके कारण तुर्कमेनिस्तान ने चैंपियनशिप से हटने का निर्णय ले लिया। कोरोना वायरस के चलते चीनी खिलाड़ियों को हिंदुस्तान का वीजा मिलने में कठिनाई होगी। इसके अतिरिक्त कुछ व एशियाई खिलाड़ी भी कोरोना वायरस के चलते हिंदुस्तान नहीं आएंगे।