सब्जी बेचने को विवश 8 गोल्ड मेडल जीतने वाली एथलीट

सब्जी बेचने को विवश 8 गोल्ड मेडल जीतने वाली एथलीट

झारखंड की एथलीट गीता कुमारी को आर्थिक परेशानियों के कारण रामगढ़ जिले की गलियों में सब्जी बेचने के लिए विवश होना पड़ा है. गीता की स्थिति को लेकर जब उनके चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर तस्वीर शेयर की तब लोग मदद के लिए आगे आए. ट्विटर के जरिए ही प्रदेश के सीएम हेमंत सोरेन को गीता की तंगहाली की जानकारी मिली. इसके बाद उन्होंने गीता की मदद का आदेश दिया. कई अन्य लोग भी गीता का एकाउंट नंबर मांग रहे हैं. कई मदद करने के लिए गीता के घर का पता पूछ रहे हैं.

सोरेन के आदेश के बाद गीता को रामगढ़ जिला प्रशासन से 50,000 रुपए व एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ाने के लिए 3,000 रुपये का मासिक वजीफा पाने में मदद मिली. सोरेन को पता चला था कि गीता वित्तीय समस्याओं के कारण सड़क किनारे सब्जी बेचने को विवश है. इसक बाद उन्होंने रामगढ़ के उपायुक्त को गीता की आर्थिक मदद करने का आदेश दिया, ताकि वह अपने एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ा सकें.

इसके बाद रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) संदीप सिंह ने गीता को 50,000 रुपये का चेक दिया. उन्होंने गीता को 3,000 रुपये मासिक वजीफा देने का भी ऐलान किया. खेल की संसार में एथलीट की सफलता की कामना करते हुए उपायुक्त ने कहा, ”रामगढ़ में कई खिलाड़ी हैं जो देश के लिए सफलता हासिल करने में सक्षम हैं. प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें समर्थन मिले.”

झारखंड की यह गोल्डन गर्ल गीता कुमारी हमारी शान हैं। आज आवश्यकता हैं हम सब को इस शान के सर को उच्चा करने का,उसे मदद करने का,आज ये सड़क पर सब्जी की दुकान लगा रही हैं। @HemantSorenJMM जी व @KirenRijiju जी से निवेदन है कि इनकी मदद करे.क्या पता कल ये हमारी नयी ओलंपिक मेडलिस्ट हो।

यही तो दुर्भाग्य है इस देश का कि प्रतिभाओं को सुविधाएं नहीं मिलती. हमारे पीएम जी खेलों की तारीफ भी करते. अब ये मंत्रियों व राज्यों की जिम्मेदारी कि उन्हें बेहतर सुविधाएं मिले लेकिन किसी को पॉलिटिक्स से फुरसत नहीं.

गीता के लिए कई लोग पिछले एक सप्ताह से मदद की गुहार लगा रहे हैं. साथ ही मंत्रियों को उनकी जिम्मेदारी अच्छा से निभाने की अपील कर रहे हैं. गीता ने प्रदेश स्तर पर 8 गोल्ड मेडल जीते हैं. इसके अतिरिक्त कॉलेज स्तर पर भी उन्होंने तमाम मेडल अपने नाम किए हैं. एक वीडियो में गीता कह रही हैं कि ”मेरी आर्थिक स्थिति हमेशा से बेकार रही है, लेकिन जब से लॉकडाउन हुआ है तब से ज्यादा ही दशा बदतर हो गए हैं.”

गीता के चचेरे भाई धनंजय प्रजापति ने कहा, ”वह हजारीबाग जिले के आनंद कॉलेज में बीए फाइल की छात्रा है. उसका परिवार आर्थिक रूप से निर्बल है. अब प्रशासन की मदद मिलने से वह खुश हैं.” बता दें कि गीता ने राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक हासिल किये है. उन्होंने कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिताओं में एक रजत पदक व एक कांस्य पदक जीता था.