भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 10 सितंबर का दिन बेहद खास, जानिए कैसे...

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 10 सितंबर का दिन बेहद खास, जानिए कैसे...

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 10 सितंबर का दिन बेहद खास है. आज ही के दिन 1872 में हिंदुस्‍तान के महान क्रिकेटरों में शुमार कुमार श्री रणजीत सिंहजी का काठियावाड़ में जन्म हुआ था. वह इंग्‍लैंड की तरफ से टेस्‍ट क्रिकेट खेलने वाले पहले भारतीय रहे. सबसे बढ़कर भारत का प्रतिष्ठित फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट टूर्नामेंट- 'रणजी ट्रॉफी' इन्‍हीं के नाम पर है. वो रणजीत सिंह ही थे, जिन्होंने लेग ग्लांस का ईजाद किया था. उन्होंने अपनी इस अनोखी तकनीक के दम पर लेग साइड पर रनों का अंबार लगाया था.

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ही दिन में दो शतक

रणजीत सिंहजी के नाम एक अद्भुत कीर्तिमान है. अंग्रेजों की टीम में खेलने वाले इस भारतीय दिग्गज ने 22 अगस्त 1896 को इतिहास रचा था. दरअसल, उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ही दिन में दो शतक लगाने का करनामा किया था.

रणजीत सिंहजी ने तब एक महीने पहले ही इंग्लैंड की ओर से टेस्ट (जुलाई 1896) में पदार्पण करते हुए नाबाद 154 रन बनाए थे और उसी फॉर्म को जारी रखते हुए इंग्लैंड के शहर होव में ससेक्स की ओर से खेलते हुए यॉर्कशायर के खिलाफ एक ही दिन में दो शतकीय (100 और नाबाद 125 रन) पारियां खेली थीं.

ससेक्स की ओर से खेलते हुए किया था कारनामा

यॉर्कशायर ने पहले खेलते हुए अपनी पहली पारी में 407 रन बनाए. जवाब में ससेक्स की टीम तीसरे दिन रणजीत सिंहजी के शतक (100 रन) के बावजूद 191 रनों पर सिमट गई और फॉलोऑन नहीं बचा पाई. इसके बाद फॉलोऑन पारी में एक बार फिर रणजीत सिंहजी ने नाबाद 125 रन बना डाले और एक ही दिन में दो शतक लगाने का करिश्मा कर दिखाया. रणजीत सिंहजी के शतक की बदौलत ससेक्स ने 260/2 रन बना मैच बचा लिया.

FACTS -

-इसके साथ ही एक ही मैच में दो शतक लगाने वाले ससेक्स के तीसरे बल्लेबाज बने. लेकिन इससे भी बढ़कर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक ही दिन दो शतक जमाने वाले एकमात्र क्रिकेटर बने.

-रणजीत सिंहजी के बाद से किसी भी बल्लेबाज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ऐसा कारनामा नहीं किया है. हालांकि वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलते हुए मैथ्यू एलियट ने 31 दिसंबर 1995 को 104 रन और उसके बाद फॉलोऑन पारी में 135 रन बनाए थे. तब एलियट पहली पारी में एक दिन पहले 98 रन बनाकर नाबाद रहे थे. इस वजह से एलियट के शतकों की तुलना रणजीत सिंहजी से नहीं की जा सकती.