प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के फिटनेस का राज

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के फिटनेस का राज

कुछ माह पहले पीएम नरेंद्र मोदी की एक्टर अक्षय कुमार के साथ गैर सियासी वार्ता बहुत ज्यादा चर्चा में रही थी. इसमें अक्षय कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी से उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ प्रश्न पूछे थे. जवाब में, पीएम ने प्राकृतिक जीवनशैली को अपनी फिटनेस का राज बताया. इन्हीं बिंदुओं पर विवेक शुक्ला ने बात की आयुर्वेद विशेषज्ञ व निरामय अस्पताल, भंडारा, नागपुर के डाक्टर उल्हास बुराडे महाजन से

सवाल- प्रधानमंत्री आयुर्वेद को बहुत महत्व देते हैं. क्या इस वैज्ञानिक युग में केवल आयुर्वेद के वश स्वस्थ रहना संभव है?

जवाब- आयुर्वेद एक पूरा विज्ञान है. आयुर्वेद का अर्थ ही है-वह विज्ञान जो ज़िंदगी बढ़ाए. आयुर्वेदिक औषधियां व चिकित्सा-सूत्र आज भी उतने ही अच्छा हैं. बाकी चिकित्सा पद्धतियों का उपयोग रोग होने के बाद प्रारम्भ होता है. आयुर्वेद की अच्छाई यह है कि यह रुग्ण होने से बचाने के सूत्र भी देता है. इनका पालन कर आदमी शतायु होने कि सम्भावना है.

सवाल- पीएम का बोलना है कि जुकाम होने पर वे एक-दो दिन का उपवास रखते हैं. क्या उपवास निरोगी रखने में अच्छा है?

जवाब- आयुर्वेदिक ग्रंथ उपवास को बहुत महत्व देते हैं. आयुर्वेद में इसे लंघन बोला गया है. गलत खानपान से हमारे शरीर में गुनाह व विकारों का संचय होता रहता है. यही बाद में रोगों का कारण बनते हैं. उपवास के दौरान पेट में अनाज न पहुंचने से इन दूषित अपशिष्टों का पाचन हो जाता है व रोग पैदा होने की प्रक्रिया वहीं रुक जाती है. उपवास इसी अर्थ में महाऔषधि है. हमारे देश में एकादशी उपवास की परंपरा रही है. वर्ष की सभी चौबीस एकादशियों में से निर्जला एकादशी सबसे अधिक जरूरी है.

सवाल- पीएम जुकाम होने पर गर्म पानी पीते हैं. क्या गर्म पानी का औषधीय महत्व है?

जवाब- गर्म पानी या गुनगुना पानी अत्यंत हितकारी है. गर्म पानी के सेवन से भोजन सुपाच्य हो जाता है. आयुर्वेद के अनुसार उबाल कर ठंडा किया पानी गले के लिए हितकारी, पाचन शक्ति को तेज करने वाला, सांस रोग,मोटापा व खुजली दूर करने में सहायक है. गर्म पानी बुखार को शांत करने वाला तथा कफ व वात रोगनाशक होता है. इससे सीने के दर्द में राहत मिलती है व खांसी-जुकाम आदि भी दूर होते हैं, लेकिन गर्म पानी के साथ कुछ सावधानियां भी महत्वपूर्ण हैं. जैसे- दिन में गर्म किया पानी रात में न पिएं. दिन या रात में उबला पानी प्रात:काल नहीं पीना चाहिए. दरअसल, दिन में उबला पानी रात में भारी हो जाता है. रात का उबला पानी अगले दिन पीना कब्जकारक होता है.

सवाल- नाक में ऑयल डालने से जुकाम क्या सचमुच अच्छा होता है?

जवाब- बिल्कुल, आयुर्वेद में इसे नस्य विधि बोला जाता है. इसे सारे जीवनकाल में रोज व्यवहार में लाया जाना चाहिए. प्रतिदिन नाक में दो बूंद गौ माता का घी अथवा तिल या सरसों के ऑयल डालने के कई फायदा हैं. इसके लिए प्रारम्भ में किसी वैद्य से मार्गदर्शन लेना चाहिए. नियमित रूप से नाक के अंदर ऑयल लगाने से आंखों, बालों, नाक व सिर की सुंदरता बढ़ जाती है. सर्दी-जुकाम, व माइग्रेन में राहत मिलती है.

सवाल- पीएम साढ़े तीन घंटे सोते हैं जबकि 6 से 7 घंटे की नींद महत्वपूर्ण मानी जाती है. क्या यह संभव है 3-4 घंटे में ही नींद पूरी हो जाए?

जवाब- प्रत्येक आदमी की प्रकृति भिन्न है. वात, पित्त, कफ से सात प्रकार की प्रकृतियों का निर्माण होता है. अमूमन, नींद 6 से 8 घंटे में पूरी होती है. पित्त गुनाह प्रबल होने पर आदमी को प्राय: अधिक नींद नही आती, लेकिन यदि आप योग व प्राणायाम का नियमित एक्सरसाइज करते हैं, तो इससे मन की वृत्तियों पर काबू पाना सरल हो जाता है. नींद की आवश्यकता तभी होती है जब मन थक जाता है. योग व प्राणायाम से मन में विचारों का उबाल नियंत्रित हो जाता है, इसलिए भी मन नहीं थकता. इस प्रकार, कम सोकर भी आदमी अधिक ऊर्जावान महसूस कर सकता है.