रेस जीतने वाली पहली एशियाई एथलीट बनकर इतिहास रच दिया, रिकॉर्ड ध्वस्त हुआ

 रेस जीतने वाली पहली एशियाई एथलीट बनकर इतिहास रच दिया, रिकॉर्ड ध्वस्त हुआ

कतर की राजधानी दोहा में इन दिनों वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप चल रहा है. जहां रोज कोई न कोई पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त हो रहा है व नया बन रहा है. इस चैंपियनशिप में बहरीन की सल्वा ईद नासेर ने ऐतिहासिक प्रदर्शऩ किया. सल्वा ने ओलंपक चैंपियन शाउने मिलर उइबो को चौंकाते हुए महिला 400 मीटर की रेस जीतने वाली पहली एशियाई एथलीट बनकर इतिहास रच दिया। नाईजीरिया में पैदा हुईं 21 वर्ष की सल्वा ने यह रेस 48.14 सेकंड में अपने नाम की। यह इतिहास का तीसरा सबसे तेज समय है.

ओलंपिक चैंपियन मिलर उइबो ने 48.37 सेकंड के समय के साथ रजत पदक पर अतिक्रमण जमाया। बहामास की मिलर की यह दो वर्ष में पहली पराजय है. नासेर ने 400 मीटर रेस में पिछले 34 वर्ष का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। साल 1985 के बाद से वह इतना तेज समय निकालने वाली पहली महिला एथलीट हैं। रेस के अंत में सल्वा को खुद अपने प्रदर्शन पर यकीन नहीं हुआ व वह अपने दोनों हाथ मुंह पर रखकर बैठ गईं.

बाद में उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ कुछ अच्छा होने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन अब मैं वर्ल्ड चैंपियन हूं। मिलर को हराना आश्चर्यजनक है। मैं उन्हें शुक्रिया कह चुकी हूं क्योंकि बिना उनके इतना तेज भाग पाना संभव नहीं था। ' दोनों के बीच इससे पहले भी कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही है। वर्ष 2017 व 2018 में हुई रेस में भी मिलर पहले व नासेर दूसरे नंबर पर रही थीं.