सुस्ती व थकान आपके शरीर में बना सकती है इन बिमारियों का खतरा

सुस्ती व थकान आपके शरीर में बना सकती है इन बिमारियों का खतरा

लगातार सुस्ती व थकान एक तरह की शारीरिक अव्यवस्था है व इसका कारण कई गंभीर रोग भी हो सकते हैं. आइये बताते हैं कि शरीर में लगातार ऊर्जा की कमी व सुस्ती किन बीमारियों का इशारा हो सकती है.

एनीमिया
यह ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर में आयरन की कमी हो जाती है. एनीमिया के कारण शरीर का रंग पीला पड़ सकता है, लेकिन कमजोरी व थकान इसका प्रमुख लक्षण है.

डायबिटीज
लगातार थकान व सुस्ती की वजह डायबिटीज भी हो सकती है. दरअसल, डायबिटीज होने पर शरीर में ग्लूकोज की मात्रा असंतुलित हो जाता है. ग्लूकोज की ठीक मात्रा शरीर में ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है.

थायरॉइड
यह गले के निचले हिस्से में स्थित ग्रंथियों से निकलने वाला हार्मोन है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है. इसी हार्मोन के असंतुलन से शरीर में कई तरह की परेशानियां प्रारम्भ हो जाती हैं. इन परेशानियों में थकान व सुस्ती भी एक कठिनाई है, जो थायरॉइड का शुरुआती लक्षण होने कि सम्भावना है.

लिवर की समस्या
लगातार सुस्ती व चिड़चिड़ापन लिवर की समस्या का इशारा भी होने कि सम्भावना है. लिवर शरीर का जरूरी भाग है, जो भोजन व पेय पदार्थों को ऊर्जा में बदलता है. अगर आपको ड्रग्स लेने, एल्कोहल लेने या फास्ट फूड्स की आदत है, तो सबसे पहले आपका लिवर ही प्रभावित होता है. लिवर की समस्या में थकान, सुस्ती व कमजोरी के अतिरिक्त हल्का बुखार, भूख कम लगना व शरीर में दर्द भी इसके लक्षण हैं.

दिल से संबंधित बीमारियां
आपकी लगातार सुस्ती की वजह दिल की किसी गंभीर बीमारी की तरफ भी संकेत हो सकती है. हार्ट अटैक के लगभग 70 फीसदी मामलों में महीनों पहले से सुस्ती व थकान की शिकायत देखी गई है. दिल की बीमारियों में हार्ट अटैक के अलावा, हार्ट ब्लॉकेज, हार्ट फेल्योर आदि भी शामिल हैं. इनसे बचाव के लिए अपने आहार को संतुलित व पौष्टिक रखें.