आईपीएल में शतक जड़ने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए मनीष को करना पड़ा छह साल का इंतजार

आईपीएल में शतक जड़ने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए मनीष को करना पड़ा छह साल का इंतजार

साल 2009 का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दक्षिण अफ्रीका में खेला गया। इस सीजन में यूं तो बहुत से खिलाडियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया मगर एक खिलाडी जिसने शतक जड़कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा वो थे मनीष पांडेय। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक मनीष पांडे आज अपना 30वां जन्मदिन मना रहे हैं। मनीष पांडे का जन्म 10 नवंबर 1989 को उत्तराखंड के नैनीताल में हुआ था।

आईपीएल में शतक जड़ने के बाद भी राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें छह साल का इंतजार करना पड़ा। साल 2015 में जिम्बाब्वे दौरे पर गई भारतीय टीम में उन्हें जगह मिली। भारतीय टीम वर्ल्ड कप के बाद इस अफ्रीकी देश के दौरे पर गई थी। टीम इंडिया के लिए मजबूत मध्यक्रम बल्लेबाज की तलाश वहीं से शुरू हो गई थी। मनीष पांडे ने अपनी पहली ही वनडे पारी में 71 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में लय नजर आ रही थी। एक साल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे इंटरनैशनल सीरीज के आखिरी मैच में उन्होंने 81 गेंदों पर 104 रनों की पारी खेली। इसकी बदौलत टीम इंडिया ने वह यादगार छह विकेट की जीत हासिल की। इस पारी के बाद ऐसा लगा कि टीम इंडिया की मध्यक्रम को लेकर मिल रही चुनौतियों का जवाब पांडे के रूप में मिल गया।

लेकिन इसके बाद हालात में बदलाव आया। पांडे के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव देखा गया। पांडे घरेलू क्रिकेट में तो रन बनाते रहे मगर इंटरनेशनल क्रिकेट में मिले मौके को बार बार गंवाते रहे। ऊपर से चोट की वजह से पांडे तीन साल से राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे। हालांकि वर्ल्ड कप 2019 के लिए मध्यक्रम बल्लेबाज के लिए पांडे के नाम पर विचार किया गया लेकिन चूंकि वह मिले मौकों का वह फायदा नहीं उठा पाए।

वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारतीय टीम की हार के बाद चयनकर्ताओं ने एक बार फिर मजबूत मिडल-ऑर्डर बल्लेबाज की तलाश शुरू कर दी है। और चार साल पहले वाली स्थिति एक बार फिर सामने आ रही है। मनीष पांडे फिर एक बार खुद को दावेदार के रूप में देख रहे हैं। पिछले महीने वेस्ट इंडीज में हुई सीमित ओवरों की सीरीज में उन्हें चुना गया। वह टी20 इंटरनैशनल और वनडे इंटरनैशनल सीरीज दोनों के लिए टीम का हिस्सा थे लेकिन टी20 मैचों में उन्होंने 19, 6 और 2 का स्कोर बनाया। इसके बाद वनडे सीरीज में उन्हें मौका नहीं दिया गया और श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में बल्लेबाजी की।अब पांडे को साउथ अफ्रीका 'ए' के खिलाफ वनडे मैचों की सीरीज के लिए इंडिया 'ए' का कप्तान बनाया गया है। हर बार की तरह फिर उन्होंने फिर एक बार इंडिया ए के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया। आज खेले गए मैच में मनीष पांडेय ने 59 गेंदों में 81 रन की पारी खेल अपनी टीम को जीत दिला दी।

पांडे ने इस मौके पर कहा, 'जब मुझे वेस्ट इंडीज सीरीज के लिए चुना गया तो मेरे जेहन में 2015 में पहली बार मिले मौके का ख्याल आ रहा था। पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन में निरंतरता मेरे लिए एक बड़ी समस्या रही है। आप चाहें एक बल्लेबाज हों या गेंदबाज आपके लिए बाहर बैठना आसान नहीं होता। मुझे इस बार अधिक मौके मिलने की उम्मीद है। इससे मुझे टीम में स्थायी रूप से जगह बनाने का मौका मिलेगा। साथ ही अपनी योजनाओं पर अमल कर सकूंगा।'