इस वारदात के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की

इस वारदात के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की

दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के दो डॉक्टरों के साथ हाथापाई का मुद्दा होने के बाद अब चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। बताया जा रहा है कि एक मरीज की मृत्यु के बाद गुरुवार को परिजन ने दो रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ हाथापाई की थी। इस दौरान एक चिकित्सक घायल हो गया था। इस वारदात के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की। डॉक्टरों की मांग है कि उन्हें काम स्‍थल पर सुरक्षा मुहैया करवाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की वारदात न हो।



दस लोगों ने किया हमला
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रकाश ठाकुर ने बताया कि सफदरजंग में एक मरीज की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने के बाद वहां ड्यूटी पर उपस्थित दो रेजिडेंट डॉक्टरों पर दस लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान दोनों को ही चेहरे, सिर, पीठ, पेट व पैरों पर चोट आई है। आरोपियों के विरूद्ध पुलिस में मुद्दा भी दर्ज करवा दिया गया है व अब डॉक्टरों ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द हिरासत में लिया जाए।


शराब के कारण बेकार था लीवर
ठाकुर ने बताया कि डॉक्टरी जाँच में पता चलता है कि जिस मरीज की मृत्यु हुई है उसका लीवर शराब पीने के चलते पूरी तरह से बेकार था व साथ ही उसको अन्य परेशानियां भी थीं।मरीज पहले से ही गंभीर तौर पर बीमार था जिसके चलते उसकी मृत्यु हुई है। जिसके बाद डॉक्टरों पर उसके परिजन और साथ के कुछ लोगों ने हमला कर दिया।

लंबे समय से सुरक्षा की मांग
उल्लेखनीय है कि कार्यस्‍थल पर सुरक्षा को लेकर डॉक्टरों की मांग बहुत ज्यादा पुरानी है। किसी भी तरह के बिगड़ते दशा के दौरान मरीज के साथ उपस्थित लोगों का गुस्सा सीधे डॉक्टरों पर निकलता है। ऐसे में कई बार डॉक्टरों के साथ हाथापाई की घटनाएं हो चुकी हैं। जिसके चलते चिकित्सक अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्‍था की मांग कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में 10 जून को हुई हाथापाई की घटना ने भी देशभर में तूल पकड़ा था व इसके बाद देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टरों ने हड़ताल की घोषणा कर दी थी। इस दौरान दिल्ली के 18 अस्पतालों में भी डॉक्टरों ने कार्य ठप कर दिया था। एनआरएस मेडिकल कॉलेज में एक 75 वर्ष के मरीज की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद परिजन ने डॉक्टरों के साथ अभद्रता की थी। गुस्साए डॉक्टरों ने परिजन से माफी की मांग की थी व तब तक मौत प्रमाण लेटर न देने की बात कही थी।