अलबामा में खुला एक अनोखा होटल, खाना-खाने के लिए बाहर लगती है लंबी लाइन

अलबामा में खुला एक अनोखा होटल, खाना-खाने के लिए बाहर लगती है लंबी लाइन

अलबामा में एक अनोखा होटल खुला है, जहां ताजा खाना-खाने के लिए लोगों की लाइन लगी रहती है। इस रेस्टोरेंट की खास बात यह है कि यहां मिलने वाले खाने की कोई कीमत तय नहीं है। जिसके पास जितने पैसे हों, वह उतने पैसे देकर यहां खाना खा सकता है। कुछ लोग जो बिल्कुल भी पैसे नहीं दे सकते हैं, वे रेस्टोरेंट में खाना खाने के बदले में लोगों को खाना परोसकर देते हैं।

हर दिन भूखे लोग दोपहर के भोजन के लिए रेस्टोरेंट खुलने से पहले ड्रेक्सेल एंड हनीबी के रेस्तरां के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। कुछ लोग तीन या पांच डॉलर दान पेटी में डालकर चले जाते हैं। वहीं कभी-कभी, मालिक यह देखकर भी हैरान हो जाते हैं को कोई 500 डॉलर या 1,000 डॉलर के चेक पड़े होते हैं। लोग अक्सर दरवाजे पर घर में बनई गई चीजों को रेस्टोरेंट के दरवाजे पर छोड़कर चले जाते हैं।

रेस्टोरेंट की 66 वर्षीय मालकिन लिसा थॉमस मैकमिलन ने कहा कि मेनू में किसी भी खाने की कोई कीमत नहीं लिखी है। उनके पति और रेस्टोरेंट के सह-मालिक फ्रेडी मैकमिलन ने मार्च 2018 से अपने गैर-लाभकारी रेस्टोरेंट को शुरू किया था, जहां आदर्श वाक्य "वी फीड द नीड" है। उन्होंने बताया कि जो लोग खाने का भुगतान करते हैं, वे एक डिवाइडर के पीछे स्थित एक बॉक्स में गुमनाम रूप से पैसे डाल देते हैंकरते हैं, ताकि रेस्टोरेंट के कर्मचारियों सहित किसी को भी पता नहीं चले कि उन्होंने खाने के बदले में कितने पैसे डाले हैं। सबसे आम दान 5 डॉलर का है।

एक वेट्रेस के रूप में जिंदगी बिता चुकी लिसा ने कहा कि मुझे पता चला है कि बहुत सारे बुजुर्ग भूख से मर रहे हैं, क्योंकि उनमें से बहुत से लोग अपनी दवा का भुगतान नहीं कर सकते हैं और भोजन खरीद सकते हैं। समुदाय के लोग और व्यवसायी भोजन, धन और प्रोडक्ट दान करके रेस्टोरेंट को चलाने में मदद करते हैं। हाल ही में रेस्तरां को हर दिन दो से तीन दान मेल के जरिये मिल रहे हैं, जिसमें आमतौर पर 10 डॉलर लोग देते हैं।

लिसा और उनके पति ने बताया कि साल 2016 के आस-पास वे एक स्थानीय सामुदायिक कॉलेज में दोपहर का भोजन परोस रहे थे। यह मुफ्त का खाना उन छात्रों के लिए था, जो खाने के पैसे का भुगतान नहीं कर सकते थे। एक दिन तीन बुजुर्ग लोग वहां अंदर आए और उन्होंने अपने पूरे पर्स को खंगाला। वे भूखे थे, लेकिन खाने के पैसे उनके पास पूरे नहीं थे।

लिसा ने कहा कि मैं वह पैसे नहीं ले सकती थी, क्योंकि मुझे पता था कि यह उनके पास आखिरी पैसे होंगे। इसलिए, उसने बुजुर्गों से कहा कि क्या आप हमारी मदद कर सकते हैं? हमें कम से कम 10 मुफ्त भोजन देने की जरूरत है। इसके बाद से यह कहानी शुरू हुई और बुजुर्ग लोगों ने भोजन स्वीकार किया। इसने कुछ और भी किया- थॉमस-मैकमिलन को रेस्टोरेंट खोलने के लिए प्रेरित किया, जो वह कुछ वर्षों से करने की सोच रहे थे। बहरहाल, इस रेस्टोरेंट की स्थानीय लोग काफी तारीफ कर रहे हैं।