बिहार में दिमागी बुखार "चमकी " का कहर जारी, बच्चों की मृत्यु का आंकड़ा 128 तक जा पहुंचा

बिहार में दिमागी बुखार "चमकी " का कहर जारी, बच्चों की मृत्यु का आंकड़ा 128 तक जा पहुंचा

प्रदेश में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम यानी दिमागी बुखार से होने वाली बच्चों की मृत्यु का आंकड़ा 128 तक जा पहुंचा है. पिछले 24 घंटे में 11 व बच्चों की मृत्यु हो गयी है.इस बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने बिहार में व परेशानी पैदा कर दी है. हड़ताल का स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है.

इस तरह बिगड़ी व्यवस्था

जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरपुर में ओपीडी काउंटर पूरी तरह से बंद रहा. दूर-दराज से आये मरीजों व परिजनो को भारी कठिनाई हुई. जहां ओपीडी के बाहर मरीजों के परिजन दहाड़ मारकर रोते रहे, वहीं हड़ताल पर गये चिकित्सक बंगाल सरकार के विरूद्ध नारे लगाते रहे. मुजफ्फरपुर में एईएस की चपेट में आने से बच्चों की लगातार मृत्यु हो रही है. वहीं, डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों के प्रति उनकी संवेदना को लेकर लोग गंभीर सवाल खड़े करते दिखे.

लगी रही मरीजों की भीड़

इसी के साथ राजधानी पटना के पीएमसीएच में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से अब तक 11 बच्चे भर्ती हुए हैं. एक बच्चे की मृत्यु हो गई जबकि 10 बच्चों का उपचार जारी है. वहीं, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम वार्ड में भी कई बच्चे भर्ती, हैं जिनमें से 5 बच्चों की हालत गंभीर है. पीएमसीएच में भी हड़ताल का व्यापक प्रभाव रहा. सोमवार प्रातः काल से ही रजिस्ट्रेशन काउंटर व ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ लगी रही व मरीज कतारों में लगकर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे.