देश में पानी के गिरते स्तर को देखकर एक्शन में आई सरकार, पानी की किल्लत से परेशान हो रहे लोग

देश में पानी के गिरते स्तर को देखकर एक्शन में आई सरकार, पानी की किल्लत से परेशान हो रहे लोग

देश में पानी के गिरते स्तर को देखकर सरकार भी एक्शन में आई गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में पानी की किल्लत कैसे दूर की जाए इस बात पर होगा मंथन। मानसून में देरी से पानी की किल्लत बड़ती जा रही है। केंद्रीय जल आयोग ने बोला है कि देश भर के जलाशयों में पूरी क्षमता का सिर्फ 18 प्रतिशत पानी उपस्थित है। पिछले एक सप्ताह में इसमें करीब चार प्रतिशत की गिरावट आई है। जिसमें देश के पश्चिमी हिस्से में दिक्क्त ज्यादा है। इस बीच वायु तूफान की वजह से मानसून की चाल निर्बल पड़ गई है व अभी तक ये कर्नाटक व तमिलनाडु से आगे नहीं बढ़ सका है।


ऐसे में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र समेत देश के बाकी हिस्सों में खेती में देरी की अटकलें हैं। भीषण गर्मी में पानी के लिए मचे हाहाकार को लेकर सरकार भी एक्शन में आ गई है। कल दिनभर इस बात पर मंथन होगा कि पानी की किल्लत कैसे दूर की जाए। नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सभी राज्यों के मुख्य मंत्री व कैबिनेट मंत्री भी शामिल होंगे।
नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की ये मीटिंग पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में की जायेगी। इस मीटिंग में जल संकट मुख्य मामला होगा। मीटिंग में सूखे का आकलन व तरीकों पर भी चर्चा होगी। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा अहम मामला होगा। इसके अतिरिक्त इस मीटिंग में कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुधार व पिछड़े जिलों की चुनौतियां से निपटने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।