कोरोना संकट के बीच यूपी के कुशीनगर जिले में एक दर्जन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

कोरोना संकट के बीच यूपी के कुशीनगर जिले में एक दर्जन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

कुशीनगर: नेपाल (Nepal) की पहाड़ियों पर हो रही भारी बारिश का खामियाजा यूपी के कुशीनगर (Kushinagar) के लोग भुगत रहे हैं। नेपाल के बाल्मीकि नगर बैराज से लगभग 4 लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे गंडक नदी (Gandak River) का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। गंडक नदी खतरे के निशान से लगभग 1 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे लगभग एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों में रहने वाले अधिकतर लोग ऊंचे स्थानों पर पलायन कर गए हैं। बाकी बचे लोग किसी तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं।

खड्डा तहसील में सबसे बुरे हाल

खड्डा तहसील के सालिकपुर, नरायनपुर, मरचहवा, शिवपुर सहित आधा दर्जन गांव के घरों में घुटनों तक पानी लग गया है, जिससे लोग बेहाल हैं। लोगों को न तो दो जून की रोटी मिल पा रही है व ना ही उनके अन्य महत्वपूर्ण कार्य हो पा रहे हैं। सरकारी मदद के नाम पर बाढ़ पीड़ितों को अभी तक कुछ भी नही मिल पाया है। बाढ़ पीड़ित सूनी आंखों से सरकार के नुमाइंदों की राह निहार रहे हैं कि वह कब नींद से जागेंगे व उन्हें राहत मिलेगी। बाढ़ पीड़ितों की मानें तो अधिकारी आते तो हैं लेकिन बाढ़ टूरिस्ट की तरह बिना मदद किए फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं। खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही नारायणी नदी

नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बरसात की वजह से कुशीनगर जनपद के 2 दो तहसील क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली नारायणी नदी उफान पर है। बाल्मीकि नगर बैराज से 4 लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की वजह से नारायणी नदी इस समय खतरे के निशान लगभग 1 मीटर ऊपर बह रही है। नदी में आई बाढ़ की वजह से जनपद के खड्डा तहसील के सालिकपुर, नरायनपुर, मरचहवा, शिवपुर सहित आधा दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। घरों के अंदर घुटने तक पानी लग गया है। घर मे पानी लगने की वजह से लोगों को बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

कहीं कोई सुनने वाला नहीं

लोग अपना घर छोड़कर सड़क पर रहने को विवश हो गए हैं। इन लोगों के पास दो जून की रोटी तक नही है। मदद की आस में लोग एक समय भूखे पेट रहने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी मे घिरे गाँव के लोग अपनी बेबसी व लाचारी कहें भी तो किससे कहें। जनप्रतिनिधि से लेकर ऑफिसर इनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

यहां घुसा पानी

नारायणी नदी में आई बाढ़ की वजह से तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के एपी तटबंध के पिपराघाट और नरवाजोत के उपाध्याय टोला, देवनारायण टोला, तवकल टोला, शिव टोला, बुटन टोला और अहिरौलीदान के डीह टोला में पानी घुसा है। अमवाखास तटबंध के खैरटिया गांव व दियरा क्षेत्र के रक्तहिया, गोखुला, भगवानपुर, संपूर्णानगर में घुटनों तक पानी घुसा हुआ है।