भारत और खाड़ी राष्ट्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 'गुड न्यूज', जानें कब तक हट सकता है ट्रैवल बैन

भारत और खाड़ी राष्ट्रों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 'गुड न्यूज', जानें कब तक हट सकता है ट्रैवल बैन

अबू धाबीभारत और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई खाड़ी और अन्य राष्ट्रों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को इस समय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सभी एक ही प्रश्न पूछ रहे हैं कि आखिर हिंदुस्तान की ओर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाओं पर लगा बैन कब हटेगा? इसकी वजह से न केवल दोनों राष्ट्रों के बीच एयर रूट पर यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है बल्कि किराया भी आसमान छू रहा है. लेकिन यूएई जाने वाले या हिंदुस्तान आने वाले यात्रियों को जल्द ही इस परेशानी से राहत मिल सकती है.

नागरिक उड्डयन सचिव राजीव बंसल ने बुधवार को बोला कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाओं के इस वर्ष के अंत तक सामान्य होने की आशा है. कोविड महामारी के कारण पिछले वर्ष मार्च के बाद से हिंदुस्तान में आने वाली और यहां से अन्यत्र जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ान सेवाएं निलंबित हैं. हिंदुस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए 25 से अधिक राष्ट्रों के साथ ‘एयर बबल’ समझौता किया है.

'बहुत जल्द' सामान्य होंगे हालातवैश्विक गंतव्यों तक उड़ान सेवाएं सामान्य होने के बारे में बंसल ने बोला कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सेवाओं के 'बहुत जल्द' और 'इस वर्ष के अंत तक' सामान्य होने की आशा है. ‘एयर बबल’ समझौता दो राष्ट्रों के बीच उड़ान सेवाओं को फिर से प्रारम्भ करने की एक अस्थायी व्यवस्था है. द्विपक्षीय ‘एयर बबल’ समझौते के अनुसार , दोनों राष्ट्रों की एयरलाइंस कुछ शर्तों के साथ अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें संचालित कर सकती हैं.

सुरक्षित वातावरण में सेवा बहाल करना चाहती सरकारनागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हाल ही में बोला था कि सरकार सामान्य अंतर्राष्ट्रीय यात्रा संचालन फिर से प्रारम्भ करने की इच्छुक है लेकिन एक सुरक्षित वातावरण में. इस महीने की आरंभ में हिंदुस्तान और सिंगापुर कमर्शियल उड़ानों को फिर से प्रारम्भ करने पर सहमत हुए हैं. दोनों राष्ट्रों के बीच वैक्सिनेटेड ट्रैवल लेन (वीटीएल) कार्यक्रम क्वारंटीन फ्री यात्रा की अनुमति देगा. लिहाजा चेन्नई, दिल्ली और मुंबई से छह उड़ानें 29 नवंबर से फिर से प्रारम्भ होने वाली हैं.

यूएई प्रारम्भ करना चाहता है उड़ान सेवाएंसंयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने हिंदुस्तान के साथ अपनी सामान्य उड़ान सेवाएं फिर से प्रारम्भ करने की वकालत की है. यूएई ने बुधवार को बोला कि इस तरह के कदमों से यात्रा की बढ़ती लागत पर काबू पाने और यात्रियों को होने वाली कठिनाइयों को दूर करने में सहायता मिलेगी. हिंदुस्तान में संयुक्त अरब अमीरात के राजदूत अहमद अल्बन्ना ने यह भी बोला कि दोनों देश अगले वर्ष की पहली छमाही तक एक समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.

टिकट की महंगी कीमतों में मिलेगी मददउन्होंने बोला कि इससे व्यापार और निवेश संबंधों को बहुत ज्यादा बढ़ावा मिलने की आसार है. उन्होंने हिंदुस्तान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सामान्य हवाई सेवाओं को फिर से प्रारम्भ करने का समर्थन किया. अल्बन्ना ने बोला कि ‘एयर बबल’ व्यवस्था के अनुसार यात्रियों की वर्तमान संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा केवल 30 फीसदी है. उन्होंने बोला कि हवाई सेवाओं के सामान्य होने से टिकटों की बढ़ती कीमतों को कम करने में सहायता मिलेगी.


Omicron in India: भारत में ओमीक्रॉन के 4 केस मिलने के बाद मचा हड़कंप

Omicron in India: भारत में ओमीक्रॉन के 4 केस मिलने के बाद मचा हड़कंप

Omicron Variant in India: कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रॉन के अब तक चार मामले भारत में मिले हैं. जबकि कई सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं, जिनके नतीजों का अभी इंतजार किया जा रहा है. चार में से तीन मामलों में पता चल गया है कि यह ओमीक्रॉन से कैसे संक्रमित हुए क्योंकि इन्होंने ‘खतरे’ की श्रेणी वाले देशों की यात्रा की थी. चारों ही मरीज पुरुष हैं (Omicron Symptoms). इनमें बुजुर्ग और वयस्क दोनों शामिल हैं. वहीं एक मरीज का टीकाकरण नहीं हुआ है. सभी मामलों में एक चीज सामान्य है. इन मरीजों में संक्रमण के या तो हल्के लक्षण दिखे हैं या फिर कोई लक्षण नहीं दिखे. आज इन सबके बारे में विस्तार से जानते हैं.

कर्नाटक में मिला पहला मरीज

भारत में ओमीक्रॉन का पहला मामला एक 66 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी (South Africa) नागरिक में मिला, जो अब भारत छोड़ चुका है. प्राइमरी और सेकेंडरी तौर पर उसके संपर्क में आए लोगों की जांच करने पर रिपोर्ट निगेटिव आई है. ये शख्स 20 नवंबर को बेंगलुरु पहुंचा और हवाई अड्डे पर उसकी जांच की गई (Karnataka Omicron Case). जैसे ही रिपोर्ट पॉजिटिव आई, उसे एक सरकारी डॉक्टर उस अस्पताल में ले गए जहां वह रह रहे थे और आइसोलेट होने की सलाह दी. मरीज का सैंपल फिर से लिया गया और जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया.

जब तक जीनोम सीक्वेंसिंग का रिजल्ट आया और यह पुष्टि हुई कि वह ओमीक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित है, तब तक वह देश छोड़ चुका था. हुआ ये कि 23 नवंबर को उसने एक निजी लैब में फिर से जांच कराई थी, जहां उसका रिजल्ट निगेटिव आया. अब यहां से मरीज निगेटिव रिपोर्ट लेकर 27 नवंबर को दुबई के लिए रवाना हो गया. दक्षिण अफ्रीका के इस नागरिक का टीकाकरण हो चुका था. अब कर्नाटक सरकार ने उसकी निजी लैब वाली निगेटिव रिपोर्ट पर जांच करने का आदेश दिया है.

कर्नाटक में मिला दूसरा मरीज

भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का दूसरा मामला भी कर्नाटक में मिला. एक 46 वर्षीय डॉक्टर इस वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है. जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है. एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉक्टर ने 21 नवंबर को हल्के लक्षणों की सूचना दी और उनकी जांच की गई. चूंकि उनकी रिपोर्ट में बहुत अधिक वायरल लोड का संकेत देने वाली कम सीटी वैल्यू थी, इसलिए उनका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया और फिर ओमीक्रॉन की पुष्टि हुई.

डॉक्टर को फरवरी में कोविड की वैक्सीन लगाई गई थी. लेकिन एंटीबॉडी टेस्ट की रिपोर्ट में पता चला कि उनकी एंटीबॉडी का स्तर कम हो गया है (Vaccines on Omicron). उन्होंने कोई विदेश यात्रा नहीं की, इसलिए अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि वे ओमीक्रॉन से कहां से संक्रमित हुए. रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने 20 नवंबर को एक अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन में भाग लिया था, जिसमें कई विदेशी प्रतिनिधी भी आए थे. लेकिन यह संभव हो सकता है कि सम्मेलन में भाग लेने से पहले ही वह वायरस के संपर्क में आए हों.

गुजरात में मिला तीसरा मामला

भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का तीसरा मामला 72 वर्षीय व्यक्ति में मिला, जो जिम्बाब्वे से गुजरात के जामनगर पहुंचा था. वह 28 नवंबर को यहां पहुंचे और 2 दिसंबर को ओमीक्रॉन से संक्रमित मिले (Omicron Variant in Gujarat). उनका टीकाकरण पूरा हो चुका था. जहां तक ​​लक्षणों की बात है, तो उन्हें थोड़ी कमजोरी थी और गले में खराश थी. वह कई सालों से जिम्बाब्वे में रह रहे थे और अपने ससुर से मिलने गुजरात पहुंचे थे.

महाराष्ट्र में मिला चौथा मामला

भारत में ओमीक्रॉन वेरिएंट का चौथा मामला एक 33 साल से मरीन इंजीनियर में मिला. वह अप्रैल से ही जहाज पर थे इसलिए उनका टीकाकरण नहीं हुआ है (Maharashtra Omicron Case). इस बात की जानकारी कल्याण डोंबिवली नगर निगम अधिकारी ने दी है. वह नवंबर के आखिर तक जहाज पर थे और फिर दुबई के रास्ते दक्षिण अफ्रीका से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे. अब उन्हें एहतियात के तौर पर कल्याण के एक कोविड सेंटर में रखा गया है. 24 नवंबर को उन्हें हल्का बुखार आया था. अधिकारियों के अनुसार, उनके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है.