सत्ता में आने पर खत्म करेंगे अल्पसंख्यक आरक्षण

सत्ता में आने पर खत्म करेंगे अल्पसंख्यक आरक्षण

तेलंगाना में एक प्रकार से चुनावी बिगुल फूंकते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कथित करप्शन के लिए राज्य की तेलंगाना देश समिति (टीआरएस) गवर्नमेंट पर जमकर धावा बोला और उस पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर राव तेलंगाना को बंगाल बनाना चाहते हैं उन्होंने वादा किया कि भाजपा के सत्ता में आने पर अल्पसंख्यक आरक्षण को समाप्त करेगी

शाह ने बोला कि बीजेपी (बीजेपी) अगले वर्ष होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है उन्होंने साल 2023 के चुनाव में भाजपा के राज्य की सत्ता में आने का भरोसा जतायाबीजेपी की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष बंडी संजय कुमार की पदयात्रा के दूसरे चरण के समाप्ति अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मतदाताओं से टीआरएस को हराने की अपील की और अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान का आह्वान किया

यात्रा हैदराबाद के निजाम को बदलने की यात्रा है
शाह ने बोला कि प्रजा संग्राम यात्रा हैदराबाद के निजाम को बदलने की यात्रा है, जोकि परिवारवाद की मानसिकता के खिलाफ भी है सीएम चंद्रशेखर राव पर निशाना साधते हुए शाह ने जनसभा में कहा, क्या हमे तेलंगाना के निजाम को बदलने की आवश्यकता है या नहीं?

टीआरएस गवर्नमेंट पर अलग तेलंगाना आंदोलन के प्रमुख मुद्दों जल, कोष और नौकरियां को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए शाह ने बोला कि यदि भाजपा राज्य की सत्ता में आयी तो इन वादों को पूरा किया जाएगा

तेलंगाना को बंगाल बनाना चहाते हैं राव
बीजेपी के वरिष्ठ नेता शाह ने आरोप लगाया कि टीआरएस गवर्नमेंट का चुनाव निशान गाड़ी है, जिसका स्टेयरिंग एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के हाथ में है शाह ने आरोप लगाया कि सीएम चंद्रशेखर राव तेलंगाना को बंगाल बनाना चाहते हैं उन्होंने बोला कि तेलंगाना की चंद्रशेखर राव गवर्नमेंट ने मोदी गवर्नमेंट की योजनाओं के नाम बदलने के अतिरिक्त कुछ नहीं किया

एससी, एसटी, ओबीसी कोटा बढ़ाएंगे
शाह ने बोला कि ये यात्रा अरबों-खरबों का करप्शन करने वाली टीआरएस पार्टी को उखाड़ फेंकने की यात्रा है उन्होंने यह भी बोला कि उनकी पार्टी राज्य में अल्पसंख्यक आरक्षण को खत्म करेगी और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोटा बढ़ाएग


‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

पीएम मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही अपने मूलमंत्र में विकास को अहमियत दी . उन्होंने नारा दिया था—’सबका साथ सबका विकास’. उन्होंने 8 वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे काम कराए, जो राष्ट्र के विकास का प्रतीक चिह्न बन गए. इनमें स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं

देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्र की रियासतों को मिलाकर ‘एक भारत’ बनाया. उनकी याद में मोदी गवर्नमेंट ने एक महान स्टेच्यू बनाकर दुनिया को हिंदुस्तान की एकजुटता यानी यूनिटी का बड़ा संदेश दिया. इसके लिए देशभर से लोहा एकत्र किया गया. सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को पटेल जयंती के दिन उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. 

मोदी के कार्यकाल में प्रारम्भ हुआ सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

पीएम मोदी ने नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की आरंभ की. सितंबर 2021 में वे स्वयं इसके निर्माण की प्रगति का जायजा लेने गए थे. नया संसद भवन पुराने भवन से 17 हजार वर्गमीटर बड़ा होगा. इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है. इसका ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है और इसका डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. कई सालों से नए संसद भवन की मांग की जा रही थी, लेकिन मोदी गवर्नमेंट के कार्यकाल में इसका निर्माण प्रारम्भ हुआ जो तेजी से जारी है.

पीएम मोदी के सपनों का स्टेडियम, जो बना ‘नमस्ते ट्रंप’ का गवाह

अहमदाबाद में नमो स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. 2020 की आरंभ में यह स्टेडियम ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का गवाह बना था. यह मोदी के सपनों का स्टेडियम है. मोदी चाहते थे कि यहां एक बड़ा स्टेडियम बने. गुजरात की गवर्नमेंट ने ये कर दिखाया. करीब 63 एकड़ से अधिक एरिया में यह स्‍टेडियम फैला है. यह ओलिंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का स्‍टेडियम है. एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई जानकार इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई है. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है. इसमें ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिये केवल 30 मिनट लगते हैं.

जवानों की वीरगाथा कहता नेशनल वॉर मेमोरियल

फरवरी 2019 में इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने किया. राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले जवानों की याद में बना यह वॉर मेमोरियल राष्ट्र की जनता को यह बताता है कि राष्ट्र के लिए किस तरह जवान हंसते हंसते शहीद हो जाते हैं. खासकर बच्चों को भी जवानों की यह वीर गाथा इस वॉर मेमोरियल में देखने को मिलती है. यह वॉर मेमोरियल 40 एकड़ जमीन में बना है, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना की 6 अहम लड़ाइयों का जिक्र है. मेमोरियल में करीब 26 हजार सैनिकों के नाम दीवार पर दर्ज किए गए हैं. इसमें चार लेयर बनाई गई हैं, यानी चार चक्र. सबसे अंदर का चक्र अमर चक्र है जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है जिसमें अमर ज्योति जलती रहेगी. यह मोदी गवर्नमेंट ही है जिसने 50 सालों से नयी दिल्ली के दिल में बने इण्डिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति की ज्वाला अब निकट बने नेशनल वॉर मेमोरियल में प्रज्वलित करने का फैसला लिया.