मायावती की पार्टी से राजस्थान कांग्रेस पार्टी में पहुंचे छह विधायकों को कांग्रेस पार्टी के विरूद्ध वोट देने का आदेश

मायावती की पार्टी से राजस्थान कांग्रेस पार्टी में पहुंचे छह विधायकों को विश्वासमत के दौरान अशोक गहलोत सरकार के विरूद्ध वोट करने के लिए बोला गया है. सूत्रों के अनुसार ये विश्वासमत शुक्रवार को होने कि सम्भावना है बसपा (बसपा) ने गुरुवार को पार्टी नेताओं को एक सचेतक जारी किया, जिसमें चेतावनी दी गई कि यदि वे आदेश की अवहेलना करते हैं तो उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी. 

बीएसपी के विधायकों को वोट डालने की अनुमित थी लेकिन बाद में बीजेपी विधायक ने विलय को लेकर एक अस्थायी फ्रीज लगाने के लिए याचिका दायर की जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने बीएसपी के छह विधायकों के वोट डालने पर रोक लगा दी. अब ये मुद्दा न्यायालय ने राजस्थान के एकल न्यायाधीश के निर्णय के लिए छोड़ दिया है जो इस मुद्दे की सुनवाई कर रहे हैं.

उम्मीद की जा रही है राजस्थान हाई कोर्ट शुक्रवार को छह विधायकों के विलय को चुनौती देने वाली बीजेपी विधायक मदन दिलावर व बीएसपी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. बसपा प्रमुख मायावती ने पिछले महीने बोला था कि वह राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को "विधायकों की चोरी" के लिए "सबक" सिखाने की प्रयास कर रही हैं.

मायावती की उस योजना को तब झटका लगा जब सचिन पायलट ने कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ वार्ता के बाद सोमवार को अपना विद्रोह खत्म कर दिया, जिसमें यह फैसला लिया गया कि तीन सदस्यीय समिति उनकी शिकायतों पर गौर करेगी.

बीजेपी ने गुरुवार को घोषणा की कि वह शुक्रवार से प्रारम्भ होने वाले विशेष विधानसभा सत्र में अशोक गहलोत सरकार के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. इसके तुरंत बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने बोला कि वह घर में बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत के लिए जाएगी. यदि सीएम एक कॉन्फिडेंस मोशन को स्थानांतरित करता है तो नियमों के अनुसार यह किसी अन्य मेम्बर द्वारा चलाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन में होगा. सूत्रों ने बोला कि सीएम अशोक गहलोत, जो अपने डिप्टी सचिन पायलट के विद्रोह के कारण एक महीने के लिए किनारे पर थे वो इसे प्रस्तुत करने का पहला मौका लेंगे.