नुपूर शर्मा मामले को लेकर एक बार फिर गर्मा गर्मी का माहौल

नुपूर शर्मा मामले को लेकर एक बार फिर गर्मा गर्मी का माहौल

रिजिजू ने बोला कि शीर्ष न्यायालय ने नूपुर शर्मा के बारे में जो कुछ भी बोला है, वह केवल एक मौखिक टिप्पणी है. यह लिखित निर्णय नहीं है. इसलिए टिप्पणी अनावश्यक है.

नुपूर शर्मा मुद्दे को लेकर एक बार फिर गर्मा गर्मी का माहौल बन गया है. ये माहौल उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी के बाद बना जिसमें न्यायालय ने बोला कि उनकी वजह से राष्ट्र में हिंसक घटनाएं हुईं और उदयपुर हत्याकांड के लिए भी वही उत्तरदायी हैं. इस मुद्दे पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू का बयान सामने आया है. केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शीर्ष न्यायालय की टिप्पणी को लेकर बोला कि इस मुद्दे की चर्चा उचित प्लेटफॉर्म पर की जाएगी.  हैदराबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने पहुंचे रिजिजू ने एएनआई न्यूज एजेंसी से वार्ता में बोला कि एक कानून मंत्री के रूप में मेरे लिए उच्चतम न्यायालय की बेच की ओर से नूपुर शर्मा को लेकर की गई टिप्पणी पर कुछ बोलना उचित नहीं है.

इसके साथ ही रिजिजू ने बोला कि शीर्ष न्यायालय ने नूपुर शर्मा के बारे में जो कुछ भी बोला है, वह केवल एक मौखिक टिप्पणी है. यह लिखित निर्णय नहीं है. इसलिए टिप्पणी अनावश्यक है. उच्चतम न्यायालय ने बीजेपी से निलंबित नेता नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद के विरूद्ध ‘‘व्यथित करने वाली’’ टिप्पणी को लेकर उन्हें शुक्रवार को फटकार लगाते हुए बोला कि इस बयान के कारण राष्ट्र भर में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुईं और इसने लोगों की भावनाओं को भड़काया.

विपक्षी खेमे ने एक साथ शीर्ष न्यायालय की टिप्पणी का उपयोग करते हुए बीजेपी की आलोचना की है. कांग्रेस पार्टी के महासचिवों में से एक जयराम रमेश ने कहा, शीर्ष न्यायालय ने ठीक बोला है कि इस प्रकरण में भावनाएं भड़काने के लिए केवल नुपुर उत्तरदायी हैं तथा ऐसे में बीजेपी का सिर लज्जा से झुक जाना चाहिए. तृणमूल (टीएमसी) ने ट्वीट किया कि यह लज्जा की बात है कि नूपुर शर्मा को अमित शाह और दिल्ली पुलिस द्वारा कवर किया जा रहा है. बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने कहा, ”शीर्ष न्यायालय ने बोला है कि पूरे राष्ट्र में आग लगाने के लिए नूपुर शर्मा ही उत्तरदायी हैं.