पार्टी अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट ने किया साफ वो नहीं करेंगे बीजेपी जॉइन

पार्टी अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट ने किया साफ वो नहीं करेंगे बीजेपी जॉइन

नई दिल्ली: राजस्थान की कांग्रेस पार्टी सरकार से डिप्टी मुख्यमंत्री व पार्टी अध्यक्ष पद से हटाए गए सचिन पायलट ने एक बार साफ किया कि वह बीजेपी जॉइन नहीं करेंगे। मंगलवार को प्रदेश में घटे अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पायलट भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि उनके इस बयान के बाद अटकलों पर विराम लगने के संभावना हैं। पायलट ने CNN News18 से बोला कि 'भाजपा में शामिल होने के बारे में एक गलत एजेंडा फैलाया जा रहा है। मैंने बीजेपी से लड़ाई लड़ी है व हराया है तो मैं भाजपा जॉइन क्यों करूंगा?'

पायलट ने साक्षात्कार में सीएम अशोक गहलोत पर आरोप लगाया है कि वह चुनाव के दौरान जनता से किये गये वादे नहीं निभा रहे थे। साक्षात्कार में पायलट ने बोला कि हमने चुनाव के दौरान गैरकानूनी खदानों को लीज पर दिये जाने के विरूद्ध कैंपेन चलाया था। हमने वसुंधरा सरकार पर दबाव बनाया कि वह खदानों की दी गई लीज को रद्द करें। सत्ता में आने के बाद गहलोत जी ने कुछ नहीं किया, अलबत्ता वह उसी रास्ते पर चलते रहे। मैं ना तो उनसे नाराज हूं व ना ही कोई ताकत या सुविधा मांग रहा हूं। '

6 महीने से सिंधिया से नहीं मिला- पायलट
वहीं एक अन्य साक्षात्कार में भाजपा जॉइन करने से जुड़ने के सवाल पर पायलट ने कहा, 'इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। मैंने राजस्थान में कांग्रेस पार्टी को जीत दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की है। मैं अपनी ही पार्टी के विरूद्ध कार्य क्यों करूंगा?' सरकार व पार्टी में पद से हटाए जाने पर पायलट ने बोला कि 'अभी 24 घंटे भी सारे नहीं हुए हैं। मैं अभी भी कांग्रेसी हूं। मुझे अपने साथियों से अगले कदम पर चर्चा करनी है। '

राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद प्रारम्भ हुई मुश्किल!
भाजपा के किसी नेता से मिलने के सवाल के जवाब में पायलट ने कहा- 'मैं बीजेपी के किसी नेता से नहीं मिला हूं। छह महीने में सिंधिया से नहीं मिला। मैं माथुर से भी नहीं मिला हूं। ' पायलट ने कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री पद या अपने साथियों के मंत्री बनाए जाने की  मांग नहीं की। मैं चाहता था कि एक सम्मानजनक कार्य करने का माहौल हो ताकि कार्य के समान वितरण का वादा पूरा हो सके। मैं दोहरा रहा हूं यह सब किसी पॉवर, पोजिशन या सुविधा के लिए नहीं बल्कि कार्य करने की आजादी के लिए है। '

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल ने बात की, पायलट ने कहा- राहुल गांधी अब कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष नहीं हैं। उनके जाने के बाद गहलोत जी व AICC में उनके दोस्त मेरे विरूद्ध इकट्ठा हो गए व इसके बाद से ही मेरे लिए मेरे स्वाभिमान की रक्षा करना भी प्रयत्न बन गया।