सचिन पायलट व 18 अन्य बागी विधायकों को कांग्रेस पार्टी का नोटिस

सचिन पायलट व 18 अन्य बागी विधायकों को कांग्रेस पार्टी का नोटिस

कांग्रेस ने आज (बुधवार को) पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सचिन पायलट व अन्य असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए आगे की कार्रवाई की है. 19 बागी विधायकों को पार्टी ने नोटिस जारी किया है व शुक्रवार तक जवाब देने को बोला है. कांग्रेस पार्टी के इस निर्णय से राजस्थान सरकार के अल्पमत में आने की आसार है. वहीं सचिन पायलट व कांग्रेस पार्टी के अन्य बागी विधायकों की आज होने वाली मीटिंग रद्द कर दी गई है. 

सचिन पायलट व 18 अन्य बागी विधायकों को पार्टी ने नोटिस जारी कर पूछा कि उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए अयोग्य क्यों नहीं ठहराया जाना चाहिए व वे कांग्रेस पार्टी विधायक दल की दो बैठकों में शामिल क्यों नहीं हुए.

राजस्थान कांग्रेस पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे ने बताया कि कांग्रेस पार्टी विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के लिए सचिन पायलट व पार्टी के 18 अन्य सदस्यों को नोटिस जारी किया गया. यदि वे 2 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे सीएलपी से अपनी सदस्यता वापस ले रहे हैं.

पायलट क्या बोले

राजस्थान के उप सीएम व प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद सचिन पायलट ने बुधवार को बोला कि वह बीजेपी में शामिल नहीं हो रहे हैं. पायलट ने बोला कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी को राजस्थान की सत्ता में वापस लाने के लिए बहुत मेहनत की थी. यह पूछे जाने पर कि क्या वह बीजेपी में शामिल हो रहे हैं तो उन्होंने बोला कि मैं बीजेपी में शामिल नहीं हो रहा हूं. पायलट का बोलना था कि राजस्थान के कुछ नेता इन अफवाहों को हवा दे रहे हैं कि मैं बीजेपी में शामिल होने जा रहा हूं, जबकि यह हकीकत नहीं है. दोनों प्रमुख पदों से हटाए जाने के बाद पायलट ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इतनी विस्तृत टिप्पणी की है. माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपने अगले कदम के बारे में कोई फैसला करेंगे. 

कांग्रेस ने मान-मनौव्वल की सभी कोशिशें नाकाम होने के बाद सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद से मंगलवार को हटा दिया. पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पायलट समर्थक दो मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को भी बर्खास्त कर दिया.  कांग्रेस के इस फैसला के बाद पायलट के साथ सुलह सफाई की संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं. पायलट व उनके समर्थकों को मौका देने के लिए पाटी ने मंगलवार को फिर विधायक दल की मीटिंग बुलाई थी. इस मीटिंग में विधायकों ने अशोक गहलोत को अपना नेता मानते हुए उप सीएम सचिन पायलट व उनके समर्थकों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की, जिस पर मुहर भी लग गई. 

बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उप सीएम सचिन पायलट व उनके करीबी मंत्रियों विश्वेंद्र्र सिंह व रमेश मीणा को तत्काल असर से हटाने का ऐलान किया. पार्टी ने पायलट की स्थान प्रदेश में एजुकेशन मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. उन्होंने पायलट समर्थक प्रदेश युवा कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मुकेश भाकर को हटाते हुए विधायक गणेश घोघरा को अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रदेश सेवा दल के अध्यक्ष को भी बदल दिया गया है.

सुरजेवाला ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह बहुमत की सरकार को अस्थिर करने की साजिश रच रही है. उन्होंने बोला कि बीजेपी के इस जाल में सचिन पायलट के साथ कुछ व कांग्रेस पार्टी विधायक उलझ गए.  हम लगातार खुले दिन से पायलट से आग्रह कर रहे थे कि आइए, हम मिल बैठकर अपनी समस्याएं सुलझाएं, पर वहीं नहीं आए.