रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, पत्रकार ने पूछा ऐसा प्रश्न कि जावड़ेकर बोले...

रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड, पत्रकार ने पूछा ऐसा प्रश्न कि जावड़ेकर बोले...

दिग्गज फिल्म अदाकार रजनीकांत को 51 वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है. केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को इस बात की घोषणा की. दादा साहब फाल्के पुरस्कार की घोषणा करते समय एक पत्रकार ने केंद्रीय मंत्री से पूछा कि रजनीकांत भी तमिलनाडु से आते हैं और अभी वहां पर विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं. पत्रकार के प्रश्न पर मंत्री ने बोला कि हद हो गई, प्रश्न ठीक पूछना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने हिंदी और अंग्रेजी में बारी-बारी से रजनीकांत के नाम का एलान किया. उसके बाद उन्होंने बताया कि दादा साहब फाल्के का भारतीय फिल्म जगत में क्या सहयोग रहा है. इसी बीच एक पत्रकार ने उनसे इस अवॉर्ड की टाइमिंग और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर प्रश्न कर दिए जिसपर मंत्री नाराज हो गए. उन्होंने बोला कि हद हो गयी है. ये फिल्म दुनिया का पुरस्कार है. रजनीकांत 50 वर्ष से कार्य कर रहे हैं. प्रश्न भी ठीक पूछना चाहिए.

प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला कि इस वर्ष का दादा साहब फाल्के अवॉर्ड महान नायक रजनीकांत को घोषित करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है. इस वर्ष इस अवॉर्ड सिलेक्शन के ज्यूरी में आशा भोंसले, मोहनला, विश्वजीत चटर्जी, शंकर महादेवन और सुभाष घई जैसे कलाकार शामिल थे.

प्रधानमंत्री ने दी बधाई: पीएम नरेंद्र मोदी ने रजनीकांत को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर शुभकामना दी है. उन्होंने लिखा है कि कई पीढ़ियों में लोकप्रिय, जबरदस्त कार्य जो कम ही लोग कर पाते हैं. विविध भूमिकाएं और एक प्यारा व्यक्तित्व. यह बहुत खुशी की बात है कि थलाइवा को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उन्हें बधाई.

साल 2014 में रजनीकांत छह स्टेट फिल्म अवार्ड्स से नवाजे गए थे. जिनमे से चार सर्वश्रेष्ठ अदाकार और दो स्पेशल अवार्ड्स फॉर बेस्ट अभिनेता के लिए मिले थे. वर्ष 2000 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. रजनीकांत के प्रति लोगों की दीवानगी इस हद तक है कि वे उन्हें भगवान की तरह मानते हैं.


कोरोना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार को भेजा नोटिस, पूछा...

कोरोना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार को भेजा नोटिस, पूछा...

ई दिल्ली: देश में कोरोना से हालात हर दिन बिगड़ते जा रहे हैं। अब इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भारत में कोरोना वायरस के मौजूदा हालात पर स्वत: संज्ञान लिया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए नेशनल प्लान क्या है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश को ऑक्सीजन की सख्त जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने ऑक्सीजन की आपूर्ति और आवश्यक दवाओं के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लिया। सीजेआई एसए बोबडे ने कहा कि कि अदालत इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को करेगी। कोर्ट ने हरीश साल्वे को एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया है।


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