पीएम नरेंद्र मोदी की लेह के दौरे पर 14 कॉर्प्स कमांडर के साथ बातचीत

पीएम नरेंद्र मोदी की लेह के दौरे पर 14 कॉर्प्स कमांडर के साथ बातचीत

लेह के दौरे के दौरान सेना के नीमू हेडक्वार्टर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से वार्ता की. हालांकि हिंदुस्तान ने निर्णय लिया है कि अगले दस दिन तक पूर्वी लद्दाख पर चाइना का सेना को हटाने व मुक्त करने के वादे पर निगरानी की जाएगी व उसी के बाद कोई एक्शन लिया जाएगा. 


सेना के कमांडर व सरकार दोनों इस बात से वाकिफ हैं कि चाइना के सेना हटाने वाले वादे की जमीनी सच्चाई क्या है. गलवां घाटी पर पीपुल्स लिबरेशन पार्टी की तैनाती नदी में पानी का स्तर बढ़ने की वजह से बाधित हो गई है. एक वरिष्ठ सेना कमांडर का बोलना है कि हमारे पास सैटेलाइट फोटो है जो बता रहे हैं कि गलवां नदी में पानी का स्तर बढ़ने से पीएलए के पांच किलोमीटर तक फैले टेंट पानी में डूब गए हैं. ऑफिसर ने बताया कि इस समय बर्फ तेजी से पिघल रही है व नदी के किनारे तैनाती खतरनाक हो सकती है. हालांकि चाइना की सेना दिखावे के लिए सेना को हटाने का कार्य कर रही है लेकिन गलवां, गोगरा, हॉट स्प्रिंग्स व पैंगोंग त्सो में पीएलए की मौजूदा स्थिति लंबे समय के लिए नहीं टिक सकती हैं.

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर इंडियन आर्मी की पूरी तैनाती व अगले बुधवार तक भारतीय नौसेना की तरफ से स्टील के मजबूत नावों भी आ जाएंगी. इन नावों को मुंबई से लेह ले जाया जाएगा व सी-17 जैसे भारी ट्रांसपोर्टर का प्रयोग किया जाएगा. ये नाव चाइना की वजनदार नाव का सामना करेंगी.

चाइना व हिंदुस्तान के बीच में अबतक तीन बार सेना के कमांडर स्तर पर व दो बार कूटनीतिक स्तर पर वार्ता हो चुकी है व अगले दस दिन खतरनाक बताए जा रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि शांति बरकरार रखने के लिए चाइना की पीएलए सैनिकों को हटाने का कार्य करेगी.

नीमू हेडक्वार्टर में पीएम नरेंद्र मोदी को पीएलए के सैनिकों की तैनाती के बारे में जानकारी दी गई, इसके अतिरिक्त पीएम मोदी को उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी के चार लड़ाकू इलाकों की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी. इसके बाद पीएम मोदी ने लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से बात की व उन्हें साफ-साफ आदेश दिए.
 
एक वरिष्ठ ऑफिसर ने बताया कि हिंदुस्तान अपनी ओर से कोई भी सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा लेकिन 3,488 किलोमीटर के असली रेखा नियंत्रण पर चाइना की ओर से हुई किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब जरूर देगा. पूर्वी लद्दाख में हमारे जवान बहुत ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं व हम पूरी तरह से पीएलए के हटने का इंतजार करेंगे व ये केवल कोई सांकेतिक निष्कासन नहीं होगा बल्कि कुछ वाहनों व सैनिकों को भी हटाया जाएगा.

पीएम के दौरे के दौरान संपूर्ण सेना, सीडीसी जनरल विपिन रावत, सेना के प्रमुख मनोज नरावणे, जनरल जोशी व जनरल सिंह ने लद्दाख स्थिति पर वार्ता की. एक वरिष्ठ ऑफिसर ने बताया कि पीएम के पास भारतीय सेना, वायुसेना व आईटीबीपी की आलोचना करने के लिए शब्द नहीं है लेकिन पूर्ण प्रशंसा व पूर्ण समर्थन के वादे के साथ सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है.