गृह मंत्रालय ने जारी किया नया आदेश, सीमावर्ती राज्यों में बीएसएफ को मिला 50 किमी तक कार्रवाई का अधिकार

गृह मंत्रालय ने जारी किया नया आदेश, सीमावर्ती राज्यों में बीएसएफ को मिला 50 किमी तक कार्रवाई का अधिकार

आतंकवाद और सीमा पार अपराधों के खिलाफ जीरो टालरेंस (शून्य सहनशीलता) की नीति बनाए रखने के उद्देश्य से, केंद्र ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किमी भीतर तक तलाशी करने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और जब्ती करने का अधिकार दिया है। यह व्यवस्था भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लागू होगी। गृह मंत्रालय द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में जारी एक नए आदेश से बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार किया गया है। इससे बीएसएफ के अधिकारियों को 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कार्रवाई करने की अनुमति मिल गई है।

बिना वारंट गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती कर सकेंगे अधिकारी

हालांकि इस आदेश से कुछ राज्यों में प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद पैदा हो सकता है। ताजा आदेश के अनुसार, बीएसएफ, जिसे पंजाब, बंगाल और असम में सीमा से पंद्रह किलोमीटर अंदर तक कार्रवाई करने का अधिकार था, को अब बिना किसी बाधा या अनुमति के 50 किमी भीतर तक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों की तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की छूट मिल गई है। इसके लिए उसे केंद्र या राज्य सरकारों से कोई अनुमति नहीं लेनी होगी।हालांकि पूर्वोत्तर के पांच राज्यों- मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में इसके अधिकार क्षेत्र में 30 किमी की कटौती की गई है। वहां इसका अधिकार क्षेत्र पहले 80 किमी तक था।


हालांकि कुछ राज्यों में उसके अधिकार क्षेत्र में कटौती भी हुई

इसी तरह गुजरात में बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र 80 से घटाकर 50 किमी कर दिया गया है। राजस्थान में, बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र पहले की तरह 50 किमी पर समान रहेगा। सीआरपीसी के तहत बीएसएफ का सबसे निचली रैंक का अधिकारी अब मजिस्ट्रेट के आदेश और वारंट के बिना अपनी शक्तियों और कर्तव्यों के पालन और निर्वहन कर सकता है।बीएसएफ अधिकारी को अब ऐसे किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार है जो किसी भी संज्ञेय अपराध में शामिल है, या जिसके खिलाफ उचित शिकायत की गई है, या विश्वसनीय जानकारी प्राप्त हुई है।


कोरोना से एक दिन में 666 की मौत, जानिए अचानक क्यों बढ़ा मरने वालों का ये आंकड़ा

कोरोना से एक दिन में 666 की मौत, जानिए अचानक क्यों बढ़ा मरने वालों का ये आंकड़ा

देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार दूसरे दिन वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, सक्रिय मामलों में गिरावट का दौर जारी है और एक्टिव केस 233 दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। केरल ने पिछले दिनों हुईं 292 मौतों को शनिवार के आंकड़ों से मिलान किया, इसके चलते मरने वालों का दैनिक आंकड़ा बढ़ गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान 16,326 नए मामले मिले हैं, 666 मौतें हुई हैं। इसमें केरल में पिछले एक दिन में हुईं 99 मौतें और पिछले कुछ दिनों के दौरान हुईं 292 मौतें शामिल हैं। सक्रिय मामलों में दो हजार से ज्यादा की कमी आई है और इनकी संख्या अब 1,73,728 रह गई है जो कुल मामलों का 0.51 प्रतिशत है।


वहीं, शनिवार शाम जारी हुए आकंड़ों के अनुसार केरल में पिछले 24 घंटों के अंदर 8,909 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 65 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। 8,780 लोग संक्रमण से ठीक भी हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 86,111 कोरोना की की जांचें की गईं हैं। केरल में कोरोना के कुल सक्रिय मामले 80,555 बने हुए हैं।

केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अब तक 105.7 करोड़ टीके दिए


मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से अब तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना रोधी वैक्सीन की 105.7 करोड़ डोज उपलब्ध कराई गई हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी 12 करोड़ से ज्यादा टीके उपलब्ध हैं।

देश में कोरोना की स्थिति

24 घंटे में नए मामले 16,326

कुल सक्रिय मामले 1,73,728

24 घंटे में टीकाकरण 68.48 लाख


कुल टीकाकरण 101.96 करोड़

शनिवार सुबह 08:00 बजे तक कोरोना की स्थिति

नए मामले 16,326

कुल मामले 3,41,59,562

सक्रिय मामले 1,73,728

मौतें (24 घंटे में) 666

कुल मौतें 4,53,708

ठीक होने की दर 98.16 फीसद

मृत्यु दर 1.33 फीसद

पाजिटिविटी दर 1.20 फीसद

सा.पाजिटिविटी दर 1.24 फीसद


जांचें (शुक्रवार) 13,64,681

कुल जांचें 59,84,31,162

शनिवार शाम 06:00 बजे तक किस राज्य में कितने टीके

तमिलनाडु 15.31 लाख

बंगाल 11.14 लाख

उत्तर प्रदेश 8.32 लाख

महाराष्ट्र 5.19 लाख

मध्य प्रदेश 3.82 लाख

बिहार 2.75 लाख

गुजरात 2.69 लाख


राजस्थान 1.04 लाख

पंजाब 0.87 लाख

छत्तीसगढ़ 0.86 लाख

हरियाणा 0.80 लाख

दिल्ली 0.73 लाख

झारखंड 0.65 लाख

जम्मू-कश्मीर 0.36 लाख

उत्तराखंड 0.33 लाख

हिमाचल 0.29 लाख