कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका की स्थिति पर जताई चिंता

कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका की स्थिति पर जताई चिंता

राज्यसभा के सदस्य और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने न्यायपालिका की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने बोला कि संस्था के कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है और हाल अभी में जो कुछ हुआ है उससे मेरा सिर लज्जा से झुक जाता है. सिब्बल ने बोला कि हालिया सालों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुप्रीम कोर्ट की ओर से जिस प्रकार इसकी व्याख्या की गई है, उसे दुर्भाग्य से वह स्थान नहीं मिली है, जो इसके लिए संवैधानिक रूप से अनुमत है.

उन्होंने केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट पर निशाना साधते हुए बोला कि संस्थानों का गला घोंटकर असल में आपातकाल लागू कर दिया गया है और कानून के शासन का दैनिक आधार पर उल्लंघन किया जा रहा है. सिब्बल ने बोला कि मौजूदा गवर्नमेंट सिर्फ कांग्रेस पार्टी मुक्त हिंदुस्तान नहीं बल्कि विपक्ष मुक्त हिंदुस्तान चाहती है.

‘न्यायपालिका के कुछ सदस्यों ने किया निराश’
ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने बोला कि इससे अधिक चिंताजनक मामला यह है कि न्यायपालिका के कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है. सिब्बल ने कहा, “मैं जिस संस्था (न्यायपालिका) का 50 वर्ष से हिस्सा हूं, उसके कुछ सदस्यों ने हमें निराश किया है. जो हुआ है, उससे मेरा सिर लज्जा से झुक गया है. न्यायपालिका जब कानून के शासन के सामने हो रहे उल्लंघन को लेकर आंखें मूंद लेती है, तो आश्चर्य होती है कि कानून के शासन की रक्षा के लिए बनाई गई संस्था खुली आंखों से कानून के शासन के उल्लंघन की अनुमति क्यों देती है.

सिब्बल ने ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक जुबैर की गिरफ्तारी और दिल्ली की एक न्यायालय की ओर से उनकी जमानत मंजूर नहीं किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बोला कि चार वर्ष पहले किए ऐसे ट्वीट के लिए आदमी को अरैस्ट किया जाना समझ से परे है, जिसका कोई साम्प्रदायिक असर नहीं हुआ.