कानपुर में लगातार बढ़ रहा कोरोना जाने कितने हुए एक्टिव केस

कानपुर में लगातार बढ़ रहा कोरोना जाने कितने हुए एक्टिव केस

कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर महानगर में एक बार फिर से कोविड-19 के नए मुद्दे सामने आने से हड़कंप मचा हुआ है बीते 2 दिनों की बात की जाए तो 25 नए मुद्दे सामने आए हैं, जिसमें 20 जून को 10 मुद्दे सामने आए थे, तो वहीं 21 जून को 15 नए मुद्दे फिर से सामने आए हैंजिसके बाद से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है

कानपुर के लाला लाजपत राय हॉस्पिटल (HALLET HOSPITAL) में स्वास्थ विभाग ने अपनी सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं कोविड-19 वार्ड को एक बार फिर से तैयार कर दिया गया हैवहीं डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी ट्रेनिंग दी जा रही हैअगर किसी भी प्रकार से पहले जैसी स्थिति बनती है तो उनसे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है

लापरवाही के चलते बढ़ रहे मामले
कोरोना वायरस के नए मामलों के पीछे सबसे बड़ी वजह ढिलाई है ढिलाई के चलते नए मुद्दे सामने आ रहे हैं लोगों ने मास्क लगाना पूरी ढंग से बंद कर दिया है इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार की सोशल डिस्टेंसिंग भी फॉलो नहीं की जा रही है कोविड-19(CORONAVIRUS) नियमों की अनदेखी की जा रही है जिसकी वजह से यह नए मुद्दे सामने आ रहे हैंजिला प्रशासन और स्वास्थ विभाग लोगों से लगातार एक बार फिर से अपील करने में लगा है कि लोग Covid-19 नियमों का पालन करें और गाइडलाइन के मुताबिक ही कार्य करें

जाने पिछले सप्ताह में कितने मुद्दे आये सामने
पिछले सप्ताह की बात की जाए तो लगातार मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है, जहां 15 जून को 12 नए मुद्दे सामने आए थे, तो वहीं 16 जून को 7 मुद्दे आए थे 17 जून को 6 मुद्दे सामने आए थे 18 जून को भी 6 मुद्दे सामने आए थे.19 जून को 12 मुद्दे सामने आए थे 20 जून को 10 मुद्दे सामने आए थे 21 जून को एक बार फिर से 15 नए मुद्दे सामने आए थेवहीं अभी कानपुर में सक्रिय केसों की बात की जाए तो 78 मुकदमा सक्रिय हैं


आरे मैट्रो कार शेड के खिलाफ फिर शुरू हुआ प्रदर्शन

आरे मैट्रो कार शेड के खिलाफ फिर शुरू हुआ प्रदर्शन

महाराष्ट्र में जैसे ही भाजपा और शिवसेना बागी एकनाथ शिंदे ( Eknath Shinde) गुट के गठबंधन गवर्नमेंट बनी वैसे ही नयी गवर्नमेंट तुरंत एक्शन मूड में आती दिखाई दी. महाराष्ट्र की नयी गवर्नमेंट ने आरे कालोनी (Aarey Colony Jungle) क्षेत्र में अधर में लटके मैट्रो कार शेड-3 के काम को तुरंत प्रारम्भ करने की बात कही थी. लेकिन उनके आरे कार शेड निर्माण का रास्ता इतना आसान होता नही दिखाई दे रहा है. क्योंकि एकबार फिर गोरेगांव के आरे में मेट्रो कार शेड (Metro Car Shed) के विरूद्ध बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन प्रारम्भ हो गया है. बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी इस मेट्रो कार शेड को रुकवाने के लिए आरे के परिसर में धरना दे रहें हैं. सैंकड़ो की भीड़ गवर्नमेंट के विरूद्ध नारे लगा कर मैट्रो कार शेड निर्माण रोकने की मांग कर रहें हैं.

आपको बता दें कि, पिछली भाजपा की गवर्नमेंट में जब आरे में कार शेड बनने का आरंभ हुआ था, तब इसी तरह प्रदर्शन हुआ हुआ था, जो धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया था. लेकिन जब फिर महा विकास अघाड़ी की गवर्नमेंट बनी तो इस पर रोक लगाकर कर इस कार शेड को कन्जुर्माग में इस्टर्न हाइवे के पास ले जाकर ईगल कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को शेड बनाने का ठेका दिया गया था

जिस पर भाजपा ने विरोध प्रकट किया था और जमीन के टकराव को लेकर उच्च न्यायालय ने कंजुर्मार्ग कार शेड निर्माण पर स्टे दे दिया था. ऐसे में जब एक बार फिर जैसे ही एकनाथ शिंदे गुट के साथ भाजपा की गवर्नमेंट बनी तो, नवगठित महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि,  मेट्रो कार शेड मुंबई की आरे कॉलोनी में ही बनाया जाए. जिस पर तुरंत कामकाज की आरंभ की जाए.

विदित है कि, आरे में फिर जागृत हुए आंदोलनकारियों में कई प्रकृति प्रेमी संस्था भी सम्मलित हैं. इस धरने में नो ट्री नो आक्सीजन जैसे बैनर के साथ सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद हैं. इसके अतिरिक्त आपको बता दें कि पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी नए गवर्नमेंट के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज कराया था. पूर्व महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे बदले की राजनीति बताया था. वहीं भाजपा शिंदे गठबंधन की नयी गवर्नमेंट ने विकास के गति बढ़ाने की पैरवी करते हुए सभी मैट्रो योजनओं को जल्द पूर्ण करने की बात कही है