इन दो वजहों से बढ़ी है देश में महंगाई

इन दो वजहों से बढ़ी है देश में महंगाई

 संसदीय क्षेत्र लखनऊ आए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को दावा किया कि कोविड-19 और यूक्रेन संकट के कारण राष्ट्र में महंगाई बढ़ी है रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को यहां निराला नगर में लखनऊ इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन की ओर से आयोजित नमस्ते लखनऊ विद राजनाथ सिंह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोला कि कोविड-19 और यूक्रेन संकट के कारण राष्ट्र में महंगाई बढ़ी है

सिंह ने बोला कि विकसित राष्ट्र अमेरिका और चीन में भी वर्तमान समय में बहुत महंगाई है और कोविड-19 संकट को समाप्त करने के लिए हमारी गवर्नमेंट ने जो भी कार्य किए हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन भी उसकी सराहना की है

विश्व पटल पर हिंदुस्तान की विश्वसनीयता बढ़ी है
रक्षा मंत्री ने बोला कि 2014 से जब से मोदी गवर्नमेंट बनी है विश्व पटल पर हिंदुस्तान की विश्वसनीयता बढ़ी है और अब हिंदुस्तान जो कहता है पूरी दुनिया उसे गौर से सुनती है बीजेपी महानगर इकाई की ओर से जारी बयान के मुताबिक प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने लखनऊ में विकास परियोजनाओं की चर्चा की और बोला कि यहां छह फ्लाईओवर (उपरिगामी सेतु) बन गये हैं और पांच नये स्वीकृत हो चुके हैं उन्होंने बोला कि ऑफिसरों को कार्य जल्द पूरा करने को बोला गया है

गेंहू के निर्यात पर प्रतिबंध
बता दें हिंदुस्तान ने घरेलू स्तर पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के तरीकों के अनुसार गेहूं के निर्यात पर तत्काल असर से प्रतिबंध लगा दिया है आधिकारिक अधिसूचना से यह जानकारी मिली है हालांकि, विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा, “इस अधिसूचना की तारीख या उससे पहले जिस खेप के लिए अपरिवर्तनीय कर्ज पत्र (एलओसी) जारी किए गए हैं, उसके निर्यात की अनुमति होगी


‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

पीएम मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही अपने मूलमंत्र में विकास को अहमियत दी . उन्होंने नारा दिया था—’सबका साथ सबका विकास’. उन्होंने 8 वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे काम कराए, जो राष्ट्र के विकास का प्रतीक चिह्न बन गए. इनमें स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं

देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्र की रियासतों को मिलाकर ‘एक भारत’ बनाया. उनकी याद में मोदी गवर्नमेंट ने एक महान स्टेच्यू बनाकर दुनिया को हिंदुस्तान की एकजुटता यानी यूनिटी का बड़ा संदेश दिया. इसके लिए देशभर से लोहा एकत्र किया गया. सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को पटेल जयंती के दिन उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. 

मोदी के कार्यकाल में प्रारम्भ हुआ सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

पीएम मोदी ने नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की आरंभ की. सितंबर 2021 में वे स्वयं इसके निर्माण की प्रगति का जायजा लेने गए थे. नया संसद भवन पुराने भवन से 17 हजार वर्गमीटर बड़ा होगा. इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है. इसका ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है और इसका डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. कई सालों से नए संसद भवन की मांग की जा रही थी, लेकिन मोदी गवर्नमेंट के कार्यकाल में इसका निर्माण प्रारम्भ हुआ जो तेजी से जारी है.

पीएम मोदी के सपनों का स्टेडियम, जो बना ‘नमस्ते ट्रंप’ का गवाह

अहमदाबाद में नमो स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. 2020 की आरंभ में यह स्टेडियम ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का गवाह बना था. यह मोदी के सपनों का स्टेडियम है. मोदी चाहते थे कि यहां एक बड़ा स्टेडियम बने. गुजरात की गवर्नमेंट ने ये कर दिखाया. करीब 63 एकड़ से अधिक एरिया में यह स्‍टेडियम फैला है. यह ओलिंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का स्‍टेडियम है. एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई जानकार इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई है. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है. इसमें ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिये केवल 30 मिनट लगते हैं.

जवानों की वीरगाथा कहता नेशनल वॉर मेमोरियल

फरवरी 2019 में इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने किया. राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले जवानों की याद में बना यह वॉर मेमोरियल राष्ट्र की जनता को यह बताता है कि राष्ट्र के लिए किस तरह जवान हंसते हंसते शहीद हो जाते हैं. खासकर बच्चों को भी जवानों की यह वीर गाथा इस वॉर मेमोरियल में देखने को मिलती है. यह वॉर मेमोरियल 40 एकड़ जमीन में बना है, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना की 6 अहम लड़ाइयों का जिक्र है. मेमोरियल में करीब 26 हजार सैनिकों के नाम दीवार पर दर्ज किए गए हैं. इसमें चार लेयर बनाई गई हैं, यानी चार चक्र. सबसे अंदर का चक्र अमर चक्र है जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है जिसमें अमर ज्योति जलती रहेगी. यह मोदी गवर्नमेंट ही है जिसने 50 सालों से नयी दिल्ली के दिल में बने इण्डिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति की ज्वाला अब निकट बने नेशनल वॉर मेमोरियल में प्रज्वलित करने का फैसला लिया.