सीमापार फायरिंग में तीन नागरिकों की मृत्यु पर हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को लगाई फटकार

सीमापार फायरिंग में तीन नागरिकों की मृत्यु पर हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को लगाई फटकार

नई दिल्ली: भारत ने जम्मू और कश्मीर के कृष्णा घाटी सेक्टर में सीमामार से फायरिंग में एक बच्चे समेत तीन नागरिकों की मृत्यु पर पाक को कड़ी फटकार लगाई है. विदेश मंत्रालय ने पाक उच्चायोग के ऑफिसर को तलब किया व इस घटना पर कठोर विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय ने बोला कि शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना की तरफ से बिना किसी कारण की गई फायरिंग में तीन लोगों की जान चली गई. ये सभी एक ही परिवार के थे. फायरिंग एक बच्चा घायल भी हुआ है.

इस वर्ष 2,711 से ज्यादा बार तोड़ा सीजफायर

मंत्रालय ने कहा, 'भारत पाकिस्तानी सेना द्वारा जानबूझकर बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाए जाने को कठोर लहजे में निंदा करता है. इस वर्ष अब तक पाकिस्तानी सेना की तरफ से बिना किसी उकसावे के 2,711 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है, जिसमें 21 नागरिकों की मृत्यु हुई है व 94 घायल हुए हैं.' विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में सीमापार से आतंकवादियों की घुसपैठ को पाक के समर्थन व उसे आड़ देने के लिए पाकिस्तानी सेना की तरफ से की जाने वाली फायरिंग भी कठोर एतराज जताया है.

शनिवार को भी गोलीबारी

भारत ने चेतावनी देते हुए पाक से बोला है कि वह नियंत्रण रेखा व अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर शांति बहाली के लिए 2003 में हुए सीजफायर समझौते का पालन करे. वहीं सेना ने एलओसी से सटे रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया है. सेना का बोलना है कि आतंकियों को घुसपैठ कराने के इरादे से पाक आए दिन ऐसी हरकत करता है. पाकिस्‍तान ने शनिवार शाम को लंबे समय बाद पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर साब्जियां सेक्टर में गोलाबारी की. गोलाबारी की आड़ में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की प्रयास भी की गई जिसे सेना ने नाकाम कर दिया.

अफगानिस्तान में सिख समुदाय के अगवा नेता रिहा

विदेश मंत्रालय ने बोला है कि अफगानिस्तान में अगवा किए गए हिंदुओं व सिख समुदाय के नेता निदान सिंह सचदेवा को बरी कर दिया गया है. सचदेवा का 22 जून को पाकतिया प्रांत के चमकानी जिले से किडनैपिंग कर लिया गया था. मंत्रालय ने कहा, 'हम अफगानिस्तान व इलाके के कबायली सरदारों की प्रशंसा करते हैं जिनके कोशिश से निदान सिंह की सुरक्षित रिहाई हो गई.' मंत्रालय ने कहा, 'हाल में हिंदुस्तान ने फैसला किया है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा खतरे का सामना करने वाले अफगानी हिंदुओं व सिख समुदाय के लोगों को वह वापस हिंदुस्तान आने की सुविधा देगा.'