कोरोना से बदला पुलिस के कार्य का तरीका

कोरोना से बदला पुलिस के कार्य का तरीका

कोविड-19 महामारी के समय में लोगों से कानून का पालन करवाना एक चुनौती भरा कार्य हो गया है. लॉकडाउन के प्रारम्भ के दो महीनों में पुलिसकर्मी सड़कों पर उतरकर यह सुनिश्चित करने में लगे हुए थे कि लोग सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करें.

इसके अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को बेघरों व प्रवासी मजदूरों को खाना खिलाते व उनकी मदद करते देखा गया. दूसरी तरफ, कुछ ऐसे भी पुलिसवाले थे, जो पुलिस स्टेशन में फेस मास्क बनाने में लगे हुए थे. 

अब लॉकडाउन के नियमों में धीरे-धीरे छूट दी जा रही है व क्रिमिनल भी क्राइम को अंजाम देने के लिए बाहर निकलना प्रारम्भ हो गए हैं. इसलिए पुलिस भी इन अपराधियों से पूछताछ करने व इनसे जितना हो सके उतनी उचित दूरी बनाने के लिए 'वर्चुअल इंटेरोगेशन' (आभासी पूछताछ) जैसे विचार को लेकर आई है. अपराधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की जा रही है. वरिष्ठ ऑफिसर भी वीडियो लिंक के जरिए अपराधियों से पूछताछ कर रहे हैं. 

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का बोलना है कि कुछ को छोड़कर, लगभग सभी मामलों में उन्होंने आभासी पूछताछ को अपनाया है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बोला कि यह विचार बहुत अच्छे तरीका से कार्य कर रहा है, क्योंकि अब अपराधियों से पूछताछ के लिए शीर्ष अधिकारियों को जूनियर्स पर निर्भर नहीं होना पड़ रहा है. वे अपने कार्यालय से एक क्लिक पर क्रिमिनल से पूछताछ कर सकते हैं. 

इस सबकी आरंभ पिछले महीने हुई थी, जब मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में 11 पुलिसकर्मी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए. पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों व जिला पुलिस प्रमुखों की एक आभासी मीटिंग के दौरान, एक ऑफिसर ने अपने वरिष्ठों को सूचित किया कि ये सभी पुलिसकर्मी एक 37 वर्षीय आदमी से संक्रमित हो गए थे. उस आदमी ने आत्महत्या कर ली थी व ये सभी घटनास्थल पर पहुंचे थे, जिसके चलते ये संक्रमित हो गए. 

शीर्ष अधिकारियों ने तब निर्णय किया कि चूंकि वे पहले से ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कानून व्यवस्था को लेकर बैठकें कर रहे हैं, इसलिए वे संदिग्धों व गवाहों से भी डिजिटली सवाल कर सकते हैं.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (केंद्रीय रेंज) सुवाशीष चौधरी ने बोला कि आभासी पूछताछ से कई तरह के फायदा मिल रहे हैं व यह अच्छी तरह से कार्य कर रहा है. उन्होंने बोला कि इससे समय की बचत के साथ-साथ सामाजिक दूरी भी सुनिश्चित होती है. कई बार हम सभी लोग साथ आकर क्रिमिनल से आभासी पूछताछ करते हैं.