गृहमंत्री अमित शाह काट रहे है इस युवक की पतंग

गृहमंत्री अमित शाह काट रहे है इस युवक की पतंग

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के मौके पर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पतंगबाजी का लुत्फ उठाया। सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि अमित शाह अहमदाबाद में अपने सहयोगियों के साथ पतंगबाजी कर रहे हैं।

55 वर्षीय शाह हाथों से ऐसे डोर को खींच रहे हैं जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो वे यहां भी किसी की डोर काटने की प्रयास कर रहे हैं। पॉलिटिक्स में विरोधियों की डोर काटने वाले अमित शाह मंगलवार को पतंगबाजी के दौरान विरोधियों की डोर काटते नजर आए। यहां आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि मकर संक्रांति को ही गुजरात में उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी भी उत्तरायण के मौके पर पतंगबाजी को प्रोत्साहित करते रहे हैं।

मालूम हो कि इस बार गुजरात का प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस महोत्सव को मनाने के सांस्कृतिक महत्व से इतर इसका अहम पहलू भी है। वह पहलू है मनोरंजन के साथ-साथ रोजगार मुहैया कराना। संसार भर में प्रसिद्ध यह पतंग महोत्सव लाखों लोगों की रोजी-रोटी का भी साधन है। इसी प्रमुख वजह के चलते गुजरात सरकार ने इस महोत्सव के जरिए पतंग उद्योग में सुधार व उसके उत्थान के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।

गुजरात प्रदेश में रहने वाले कुछ परिवार तो ऐसे हैं जो, पूरी तरह से इसी पतंग व्यवसाय पर आश्रित हैं। पतंग उत्सव से कई महीने पहले ये परिवार पतंगों का निर्माण प्रारम्भ कर देते हैं। वर्ष 2012 के एक सर्वे के मुताबिक में पतंग निर्माण उद्योग 175 करोड़ का था। इससे जुड़े 30,000 लोगों को रोजगार मिला। कालांतर में धीरे-धीरे ये तादाद बढ़ती ही गई। जिसके परिणाम-स्वरूप वर्ष 2017-18 में ये उद्योग 625 करोड़ का हो गया। एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक, लगभग 1,28,000 लोग गुजरात के पतंग उद्योग से जुड़े हुए हैं। इन आंकड़ों के नजरिये से गुजरात का पतंग उद्योग, भारत के कुछ बड़े घरेलू उद्योगों में शुमार होता जा रहा है।

पतंग उद्योग में सारे देश में गुजरात की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है व इसमें लगभग 1.28 लाख लोग कार्य कर रहे हैं। पतंग महोत्सव कई लोकल कारीगरों व छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ने में मदद कर रहा है। गुजरात सरकार का पास पतंग महोत्सव निश्चित रूप से विभिन्न उपायों से लोकल अर्थव्यवस्था को बढ़ाता है। इससे जुड़े हुए पतंग निर्माता व व्यापारी खुद इस बात को मानते हैं कि इसके जरिए उनकी आय में इजाफा हुआ है।

गुजरात प्रदेश पर्यटन निगम लिमिटेड (टूरिज्म कापोर्रेशन ऑफ गुजरात यानि टीजीसीएल) के महाप्रबंधक जेनू देवन ने बताया, 'गुजरात प्रदेश पतंग महोत्सव से होने वाले पतंग व्यवसाय के आंकड़ों को लेकर हम लोग संतुष्ट हैं। खेल-खेल में इस तरह के व इतने बड़े पैमाने पर आय के साधन जल्दी निकल कर सामने नहीं आते हैं। प्रदेश का पतंग उद्योग वास्तव में हमारी (गुजरात प्रदेश पर्यटन निगम लिमिटेड) अर्थ-व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बन चुका है। '