सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगेगा पूरी तरह बैन

सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगेगा पूरी तरह बैन

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रदूषण के विरूद्ध दिल्ली गवर्नमेंट की मुहिम के बारे में एक और बड़ी घोषणा की गोपाल राय ने बोला कि 1 जून से दिल्ली सचिवालय में सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों पर बैन लगाया जाएगा इसके भीतर पहले चरण में दिल्ली सचिवालय के कार्यालय में यूज एंड थ्रो वाले पेन और पानी की बोतलों पर बैन लगाया जाएगा साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बने बैनर्स, पोस्टर्स और खाने के लिए प्रयोग होने वाली कटलरी पर भी पूर्ण रूप से बैन लगाया जाएगा

समर एक्शन प्लान की भी शुरुआत
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि पर्यावरण विभाग प्रदूषण के खिलाफ हर उचित कदम उठा रही है दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के विरूद्ध समर एक्शन प्लान की भी आरंभ विभाग ने की है ऐसे में प्रदूषण को बढ़ावा देने में सिंगल यूज प्लास्टिक भी एक अहम किरदार निभाता है सिंगल यूज प्लास्टिक जैसे प्लास्टिक के कटलरी, स्ट्रॉ, पॉलिथिन, प्लास्टिक गिलास जैसी चीजें जो फेंक दिये जाने पर दोबारा उपयोग में नहीं लाए जा सकते हैं ऐसे में कई बार लोग इसे समाप्त करने के लिए,जमीन में दबा या जलाकर इसे नष्ट करने की प्रयास करते हैं जो कि वायु, जल और भूमि प्रदूषण के लिए गंभीर खतरा भी हैं

मेटल, बांस, पेपर, मिट्टी से बनी चीजों का होगा इस्तेमाल
इसके अन्य विकल्पों के बारे में जानकारी देते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आगे बोला कि एक बार प्रयोग में आने वाली पानी की बोतलों और खाने की कटलरी की स्थान अब से बांस, ग्लास , मेटल या पेपर से बनी कटलरी को प्रयोग में लाया जाएगा सिंगल टाइम यूज़ पेन की स्थान दोबार इस्तेमाल में आने वाले जेल/बॉल या इंक पेन का प्रयोग किया जाएगा साथ ही प्लास्टिक के बैनर्स और पोस्टर्स की स्थान अब कपड़े या पेपर के बैनर्स ही बनाए जाएंगे पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग को रोकने के लिए गवर्नमेंट अन्य विकल्पों पर भी काम कर रही है


‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

पीएम मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही अपने मूलमंत्र में विकास को अहमियत दी . उन्होंने नारा दिया था—’सबका साथ सबका विकास’. उन्होंने 8 वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे काम कराए, जो राष्ट्र के विकास का प्रतीक चिह्न बन गए. इनमें स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं

देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्र की रियासतों को मिलाकर ‘एक भारत’ बनाया. उनकी याद में मोदी गवर्नमेंट ने एक महान स्टेच्यू बनाकर दुनिया को हिंदुस्तान की एकजुटता यानी यूनिटी का बड़ा संदेश दिया. इसके लिए देशभर से लोहा एकत्र किया गया. सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को पटेल जयंती के दिन उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. 

मोदी के कार्यकाल में प्रारम्भ हुआ सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

पीएम मोदी ने नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की आरंभ की. सितंबर 2021 में वे स्वयं इसके निर्माण की प्रगति का जायजा लेने गए थे. नया संसद भवन पुराने भवन से 17 हजार वर्गमीटर बड़ा होगा. इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है. इसका ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है और इसका डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. कई सालों से नए संसद भवन की मांग की जा रही थी, लेकिन मोदी गवर्नमेंट के कार्यकाल में इसका निर्माण प्रारम्भ हुआ जो तेजी से जारी है.

पीएम मोदी के सपनों का स्टेडियम, जो बना ‘नमस्ते ट्रंप’ का गवाह

अहमदाबाद में नमो स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. 2020 की आरंभ में यह स्टेडियम ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का गवाह बना था. यह मोदी के सपनों का स्टेडियम है. मोदी चाहते थे कि यहां एक बड़ा स्टेडियम बने. गुजरात की गवर्नमेंट ने ये कर दिखाया. करीब 63 एकड़ से अधिक एरिया में यह स्‍टेडियम फैला है. यह ओलिंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का स्‍टेडियम है. एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई जानकार इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई है. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है. इसमें ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिये केवल 30 मिनट लगते हैं.

जवानों की वीरगाथा कहता नेशनल वॉर मेमोरियल

फरवरी 2019 में इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने किया. राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले जवानों की याद में बना यह वॉर मेमोरियल राष्ट्र की जनता को यह बताता है कि राष्ट्र के लिए किस तरह जवान हंसते हंसते शहीद हो जाते हैं. खासकर बच्चों को भी जवानों की यह वीर गाथा इस वॉर मेमोरियल में देखने को मिलती है. यह वॉर मेमोरियल 40 एकड़ जमीन में बना है, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना की 6 अहम लड़ाइयों का जिक्र है. मेमोरियल में करीब 26 हजार सैनिकों के नाम दीवार पर दर्ज किए गए हैं. इसमें चार लेयर बनाई गई हैं, यानी चार चक्र. सबसे अंदर का चक्र अमर चक्र है जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है जिसमें अमर ज्योति जलती रहेगी. यह मोदी गवर्नमेंट ही है जिसने 50 सालों से नयी दिल्ली के दिल में बने इण्डिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति की ज्वाला अब निकट बने नेशनल वॉर मेमोरियल में प्रज्वलित करने का फैसला लिया.