COVID-19: जल्द ही भारतीय पैरासिटामोल ब्रिटिश सुपरमार्केट में उतरेगी

COVID-19: जल्द ही भारतीय पैरासिटामोल ब्रिटिश सुपरमार्केट में उतरेगी

नयी दिल्ली: हिंदुस्तान द्वारा ब्रिटेन भेजे गए पैरासिटामोल के पैकेट जल्द ही ब्रिटिश बाजारों में उतरेंगे। COVID-19 से निपटने के लिए हिंदुस्तान कई राष्ट्रों को दवाइयां भेज रहा है। इसमें करीब 55 राष्ट्रों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भेजी गई है, जिसे वर्तमान परिस्थितियों में गेम-चेंजर दवा बोला जा रहा है।

ब्रिटिश उच्चायोग के एक प्रवक्ता का बोलना है, "हम हिंदुस्तान सरकार को यूके में पेरासिटामोल के 2.8 मिलियन पैकेट के निर्यात को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद करते हैं। यह दवा यूके के अग्रणी सुपरमार्केट व खुदरा विक्रेताओं को वितरित की जाएगी। "

उन्होंने ये भी कहा, "दशकों में हम कोरोना वायरस जैसे सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहे हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम वैश्विक व्यापार को जारी रखने व आपूर्ति पूरी करने के लिए एक साथ कार्य करें। कोरोना वायरस को हराने के लिए हम हिंदुस्तान व अन्य राष्ट्रों के साथ कार्य करना जारी रखेंगे। ''

कोरोना संकट से लड़ने के लिए दोनों देश कई बहुपक्षीय मंचों के तहत कार्य कर रहे हैं। 15 अप्रैल को G 20 के वित्त मंत्रियों ने कोरोनोवायरस महामारी के वैश्विक आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए एक आर्थिक काम योजना पर सहमति जाहीर की। इस काम योजना को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ राजकोष के अध्यक्ष ऋषि सनक ने आगे बढ़ाया।

भारत ने यहां फंसे कई ब्रिटिश नागरिकों की वापसी की व्यवस्था की है। ब्रिटेन सरकार द्वारा चलाए गए चार्टर उड़ानों के जरिए अब तक 3,700 से ज्यादा ब्रिटिश नागरिक ब्रिटेन वापस पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को घोषित चार्टर उड़ानों के तीसरे दौर के अंत में, यूके ने 9,000 से अधिक लोगों को ब्रिटेन लौटने में मदद की।

ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा, "हम हिंदुस्तान की उन जगहों से व भी उड़ानों की व्यवस्था करना चाहते हैं जहां हम जानते हैं कि बड़ी संख्या में ब्रिटिश नागरिक अभी भी फंसे हुए हैं। "

कोविड-19 के भारतीय मॉडल के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा, 'कोरोनोवायरस के प्रसार को धीमा करने के लिए हिंदुस्तान की तरह यूके ने भी आने-जाने पर रोक लगा रखी है, ताकि एक समय पर कम से कम लोग बीमार हों व हमारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा उनका उपचार करने में सक्षम हो। इसलिए हम लोगों को घर पर ही रहने के आदेश दे रहे हैं, जिससे जिंदगियां बचाई जा सकें। '