बेंगलुरु में कोरोना वायरस की तेज हुई गति, 7 दिन का कड़ा लॉकडाउन किया गया घोषित

बेंगलुरु में कोरोना वायरस की तेज हुई गति, 7 दिन का कड़ा लॉकडाउन किया गया घोषित

नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर देश के कई बड़े शहरों में देखने को मिल रहा है। चाहे दिल्‍ली हो, मुंबई हो या अहमदाबाद, सभी शहरों में दिनोंदिन नए केस सामने आ रहे हैं। ऐसा ही शहर बेंगलुरु है। कर्नाटक के बेंगलुरु (Bengaluru) में कोरोना वायरस (Covid 19) की बढ़ती गति को देखते हुए 7 दिन का कड़ा लॉकडाउन घोषित किया गया है। दरअसल बेंगलुरु में पिछले 17 दिनों में कोरोना के 10 गुना अधिक मुद्दे सामने आए हैं।

बेंगलुरु में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के मकसद से 14 जुलाई से 22 जुलाई तक कड़ा लॉकडाउन लगाया गया है। बेंगलुरु (शहरी+ग्रामीण) में 31 मई को लॉकडाउन के अंत तक सिर्फ 374 मुद्दे दर्ज किए गए थे। वहीं दिल्ली ने 19,844 मुद्दे दर्ज किए गए थे, चेन्नई ने 14,799 व मुंबई ने 39,686 मुद्दे सामने आ चुके थे।

लॉकडाउन के प्रतिबंधों को खत्‍म करने के बाद बेंगलुरु ने पहली बार 19 जून से कोरोना वायरस संक्रमण का बड़ा उछाल देखा व एक सप्ताह में 25 जून तक औसतन हर दिन 140 मुद्दे दर्ज किए गए। यह पिछले हफ्ते (12 से 18 जून) में प्रतिदिन औसतन 38 मामलों से भी बड़ी छलांग थी। लेकिन इसके बाद मामलों में आकस्मित से व बड़ी उछाल सामने आई।

बेंगलुरु में 27 जून के बाद से स्थिति खतरनाक स्‍तर पर पहुंच गई। इन 17 दिनों में शहर में 10 गुना से अधिक मुद्दे सामने आए। यह आंकड़ा हिंदुस्तान के किसी भी प्रमुख शहर के लिए अब तक की उच्चतम विकास दर है। बेंगलुरु में 26 जून को 2008 मुद्दे थे। लेकिन 13 जुलाई तक बेंगलुरु ने 20,000 के आंकड़े को पार कर लिया। जून के मध्य तक कर्नाटक के कुल मामलों में बेंगलुरु का भाग 10.58 फीसदी था। महीने के अंत तक यह फीसदी बढ़कर 30.73 फीसदी हो गया। 13 जुलाई तक कर्नाटक की राजधानी प्रदेश में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या का लगभग आधा (48.31 प्रतिशत) सहयोग करती है।

मई के मध्य तक हिंदुस्तान में कोरोना वायरस संक्रमण के 40 सबसे अधिक प्रभावित शहरों में बेंगलुरु कहीं भी नहीं था। अब बेंगलुरु देश के 8 उन शहरों में शामिल है, जहां कोरोना के मुद्दे 20 हजार को आंकड़ा पार कर चुके हैं।

बेंगलुरू (शहरी क्षेत्र) में पिछले 10 दिनों में कोविड-19 से हो रही मौतों की संख्या में वृद्धि दर्ज की है। 3 जुलाई तक शहर में कुल 105 मौतें हुई थीं, लेकिन तबसे सिर्फ डेढ़ सप्ताह में यह संख्या दोगुनी यानी 216 से अधिक हो गई। इसने दिल्ली (77), मुंबई (91) व चेन्नई (56) की तुलना में पिछले दो दिनों (12 व 13 जुलाई) में अधिक मौतें (92) दर्ज की हैं।