देश में बने वेंटिलेटर निर्यात कर सकती हैं कंपनियां

देश में बने वेंटिलेटर निर्यात कर सकती हैं कंपनियां

कोविड-19 पर उच्चस्तरीय मंत्रिसमूह ने देश में निर्मित वेंटिलेटर के निर्यात को मंजूरी देने के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रस्ताव पर सहमति जताई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की लगातार गिर रही मृत्युदर के मद्देनजर यह निर्णय किया गया है. देश में कोविड-19 के मरीजों की मृत्युदर इस समय 2.15 फीसदी है, जिसका अर्थ है कि बहुत कम उपचाराधीन मरीज ही वेंटिलेटर पर हैं.

बयान में बोला गया है कि 31 जुलाई को देश में केवल 0.22 उपचाराधीन मरीज वेंटिलेटर पर थे. मंत्रालय ने बोला कि देश में निर्मित वेंटिलेटर के निर्यात के लिए आवश्यक कदम उठाने की खातिर विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) को मंत्रिसमूह के निर्णय से अवगत करा दिया गया है.

उसने कहा, अब वेंटिलेटर के निर्यात को मंजूरी दे दी गई है, तो उम्मीद की जाती है कि देश में निर्मित वेंटिलेटरों के लिए विदेशों में नए मार्केट मिलेंगे. कोविड-19 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वेंटिलेटरों के निर्यात पर मार्च में प्रतिबंध लगा दिया गया था, ताकि मशीनों की घरेलू स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.