चीनी उपकरणों से देश के बिजली ग्रिड को खतरा

चीनी उपकरणों से देश के बिजली ग्रिड को खतरा

चीन से आने वाले ऊर्जा उपकरणों में कंप्यूटर मालवेयर के जरिये देश के बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचाने की साजिश का अंदेशा है. इसके चलते सरकार ने रोकथाम के तरीका चालू कर दिए हैं. एकतरफ चाइना से आयात के नियमों को कड़ा बनाया गया है, वहीं चाइना से खरीदे गए सभी ऊर्जा उपकरणों में कंप्यूटर मालवेयर व ट्रोजन हॉर्स की मौजूदगी की जाँच विशेषज्ञों से कराई जाएगी.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने रविवार को बोला कि हमें ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि हमारे ऊर्जा सेक्टर व अर्थवयवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए उपकरणों में ऐसे कंप्यूटर मालवेयर व ट्रोजन हॉर्स इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जो रिमोट से सक्रिय किए जा सकते हैं. उन्होंने बोला कि इसी कारण हमने इसे संवेदनशील सेक्टर मानते हुए तय किया है कि जो उपकरण हिंदुस्तान में बन रहे हैं, हम उनकी यहीं से खरीद करेंगे.
हिंदुस्तान में नहीं बन रहे उपकरणों का आयात किया जाएगा, लेकिन इस दौरान उनकी पूरी जाँच की जाएगी ताकि किसी भी मालवेयर या ट्रोजन हॉर्स की मौजूदगी को पकड़ा जा सके. बता दें कि हिंदुस्तान ने हालिया दिनों में चाइना से आने वाले उत्पादों पर कड़े गुणवत्ता नियंत्रक तरीकों व ज्यादा शुल्क लगाने के लिए कदम उठाए हैं. यह कार्रवाई आयात पर निर्भरता कम करने व घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है. केंद्रीय मंत्री ने बोला कि  वैकल्पिक ऊर्जा मंत्रालय ने कुछ सौर ऊर्जा उपकरणों पर 1 अगस्त से कस्टम ड्यूटी लगानी चालू कर दी है. हालांकि यह कदम देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य का भी भाग है.

उन्होंने बोला कि ऊर्जा क्षेत्र किसी भी देश के लिए बेहद संवेदनशील व सामरिक सम्मान रखता है. बिजली से सभी उद्योग, संचार सिस्टम व सामरिक महत्व वाले सभी डाटाबेस चलते हैं. ऐसे में हमें इसे किसी भी ऐसे देश की तरफ से नुकसान पहुंचाने से बचाना होगा, जो हमारा विरोधी या संभावित विरोधी है.

उन्होंने कहा, इसके लिए हिंदुस्तान के प्रस्तावित ऊर्जा सेक्टर सुधार के तहत विदेशी उपकरणों पर ज्यादा शुल्क, उनकी सख्त जाँच व किसी विरोधी देश से आयात के लिए उचित मंजूरी की जरूरत आदि को फोकस एरिया बनाया गया है.

मंजूरी लेने के बाद ही चीन-पाक से आयात

केंद्रीय मंत्री सिंह ने बोला कि कुछ विरोधी और संभावित विरोधी राष्ट्रों को ‘अग्रिम संदर्भ देश’ की सूची में रखा गया है व इन राष्ट्रों से किसी भी उपकरण के आयात के लिए पहले सरकारी मंजूरी लेनी होगी. इन राष्ट्रों में अधिकांश वे हैं, जिनकी सीमा हिंदुस्तान से मिलती है. चाइना व पाक भी इनमें शामिल हैं.

भारत के ऊर्जा सेक्टर को लगातार साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से अधिकांश का मूल जगह चीन, सिंगापुर, रूस व सीआईएस राष्ट्रों में पाया गया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, इन साइबर हमलों की जाँच के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के तहत एक कमेटी गठित की गई थी. इन कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इन हमलों को ‘रियल लाइव थ्रेट’ घोषित करते हुए बेहद गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है.