s वर्ल्ड बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी

s वर्ल्ड बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी

चीन के बीजिंग में चल रहे 14वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने वर्ल्ड बिजनेस फोरम के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत की. मोदी ने बोला कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के बारे में ब्रिक्स राष्ट्रों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का नजरिया काफी समान है, इसलिए सभी के बीच आपसी योगदान Covid-19 के हानि से उबरने में उपयोगी सहयोग दे सकता है. बता दें कि ब्रिक्स राष्ट्रों के 14वें शिखर सम्मेलन को पीएम डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे. उन्होंने बोला कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महामारी का प्रकोप पहले की तुलना में कम हुआ है लेकिन इसके अनेक दुष्प्रभाव अब भी अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में दिखाई दे रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के बारे में हम ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों का नजरिया काफी समान रहा है और इसलिए हमारा आपसी योगदान ‘पोस्ट कोविड रिकवरी’ में उपयोगी सहयोग दे सकता है.

आपसी योगदान से हमारे नागरिकों के जीवन को सीधा फायदा मिल रहा

मोदी ने बोला कि पिछले कुछ सालों में ब्रिक्स में कई संस्थागत सुधार हुए हैं जिनसे इस संगठन की प्रभावशीलता बढ़ी है. उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि ‘‘न्यू डेवलपमेंट बैंक‘‘ की सदस्यता में भी वृद्धि हुई है. उन्होंने बोला कि ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हमारे आपसी योगदान से हमारे नागरिकों के जीवन को सीधा फायदा मिल रहा है. इस कड़ी में पीएम ने टीकों को लेकर अध्ययन एवं विकास केंद्र की स्थापना, सीमा शुल्क विभागों के बीच समन्वय, साझा ‘सेटेलाइट कंसल्टेशन’ की प्रबंध और फार्मा उत्पादों का पारंपरिक नियमितीकरण जैसे कदमों का उल्लेख किया. 

ब्रिक्स का फोकस काम पर

मोदी ने ब्रिक्स के काम-काज के नीति पर बोला कि इस तरह के व्यवहारिक कदम ब्रिक्स को एक अनूठा अंतर्राष्ट्रीय संगठन बनाते हैं, जिसका फोकस केवल वार्ता तक सीमित नहीं है. ब्रिक्स युवा सममेलन, ब्रिक्स खेल और हमारे सिविल सोसायटी संगठनों और थिंक टैंक के बीच संपर्क बढ़ाकर हमने अपने लोगों के बीच संपर्क भी मजबूत किया है. पीएम ने भरोसा जताया कि आज की चर्चा से ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के कई सुझाव सामने आएंगे. चीन इस वर्ष ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की. सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हुए. इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘उच्च गुणवत्ता वाली ब्रिक्स साझेदारी को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए एक नए युग की शुरुआत’’ है.


आरे मैट्रो कार शेड के खिलाफ फिर शुरू हुआ प्रदर्शन

आरे मैट्रो कार शेड के खिलाफ फिर शुरू हुआ प्रदर्शन

महाराष्ट्र में जैसे ही भाजपा और शिवसेना बागी एकनाथ शिंदे ( Eknath Shinde) गुट के गठबंधन गवर्नमेंट बनी वैसे ही नयी गवर्नमेंट तुरंत एक्शन मूड में आती दिखाई दी. महाराष्ट्र की नयी गवर्नमेंट ने आरे कालोनी (Aarey Colony Jungle) क्षेत्र में अधर में लटके मैट्रो कार शेड-3 के काम को तुरंत प्रारम्भ करने की बात कही थी. लेकिन उनके आरे कार शेड निर्माण का रास्ता इतना आसान होता नही दिखाई दे रहा है. क्योंकि एकबार फिर गोरेगांव के आरे में मेट्रो कार शेड (Metro Car Shed) के विरूद्ध बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन प्रारम्भ हो गया है. बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी इस मेट्रो कार शेड को रुकवाने के लिए आरे के परिसर में धरना दे रहें हैं. सैंकड़ो की भीड़ गवर्नमेंट के विरूद्ध नारे लगा कर मैट्रो कार शेड निर्माण रोकने की मांग कर रहें हैं.

आपको बता दें कि, पिछली भाजपा की गवर्नमेंट में जब आरे में कार शेड बनने का आरंभ हुआ था, तब इसी तरह प्रदर्शन हुआ हुआ था, जो धीरे-धीरे उग्र रूप ले लिया था. लेकिन जब फिर महा विकास अघाड़ी की गवर्नमेंट बनी तो इस पर रोक लगाकर कर इस कार शेड को कन्जुर्माग में इस्टर्न हाइवे के पास ले जाकर ईगल कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को शेड बनाने का ठेका दिया गया था

जिस पर भाजपा ने विरोध प्रकट किया था और जमीन के टकराव को लेकर उच्च न्यायालय ने कंजुर्मार्ग कार शेड निर्माण पर स्टे दे दिया था. ऐसे में जब एक बार फिर जैसे ही एकनाथ शिंदे गुट के साथ भाजपा की गवर्नमेंट बनी तो, नवगठित महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि,  मेट्रो कार शेड मुंबई की आरे कॉलोनी में ही बनाया जाए. जिस पर तुरंत कामकाज की आरंभ की जाए.

विदित है कि, आरे में फिर जागृत हुए आंदोलनकारियों में कई प्रकृति प्रेमी संस्था भी सम्मलित हैं. इस धरने में नो ट्री नो आक्सीजन जैसे बैनर के साथ सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद हैं. इसके अतिरिक्त आपको बता दें कि पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी नए गवर्नमेंट के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज कराया था. पूर्व महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे बदले की राजनीति बताया था. वहीं भाजपा शिंदे गठबंधन की नयी गवर्नमेंट ने विकास के गति बढ़ाने की पैरवी करते हुए सभी मैट्रो योजनओं को जल्द पूर्ण करने की बात कही है