सीएम बिप्लब देव की कुर्सी पर मडरा रहा खतरा तला

सीएम बिप्लब देव की कुर्सी पर मडरा रहा खतरा तला

Biplab Kumar Deb Resign: त्रिपुरा में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है यहां भाजपा ने मौजूदा मुख्यमंत्री बिप्लब देब को हटाने का निर्णय किया है जिसके बाद बिप्लब देब ने अपना इस्तीफा भी गवर्नर को सौंपा है उनकी स्थान अब नए सीएम की नियुक्ति होगी बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री देब ने गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी जिसमें ये तय हो चुका था कि भाजपा उन्हें हटाने जा रही है 

इस्तीफा देने के बात क्या कहा?

इस्तीफा देने के बाद बिप्लब देब ने बोला कि, मेरे लिए पार्टी सबसे ऊपर है संगठन भलाई में मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी मैं उसे निभाऊंगा उन्होंने इस दौरान बोला कि उनकी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से भी बात हुई है बिप्लब ने बोला कि पार्टी नेतृत्व के कहने के बाद ही उन्होंने इस्तीफा दिया हालांकि नए सीएम को लेकर उन्होंने कोई भी उत्तर नहीं दिया 

बीजेपी ने बुलाई बैठक

बताया गया है कि, शाम 5 बजे भाजपा ने विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसके लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और पार्टी जनरल सेक विनोद तावड़े केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं दोनों ही अगरतला पहुंच चुके हैं इस बैठक में पार्टी नए सीएम का चुनाव कर सकती है 

कौन हो सकता है नया सीएम?
बिप्लब देब को हटाए जाने के बाद अब नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज है विधायक दल की बैठक के बाद नए चेहरे पर मुहर लग सकती है लेकिन बताया जा रहा है कि मौजूदा डिप्टी मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा को भाजपा त्रिपुरा की कमान सौंप सकती है इसके अतिरिक्त कुछ और नामों की भी चर्चा है जिनमें मणिक साहा और प्रतिमा भौमिक का नाम भी शामिल है लेकिन इन सभी में फिलहाल जिष्णु देव वर्मा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है 


‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

‘स्टेच्यू आफ यूनिटी’ से मोदी ने किया राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का काम 

पीएम मोदी ने 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद से ही अपने मूलमंत्र में विकास को अहमियत दी . उन्होंने नारा दिया था—’सबका साथ सबका विकास’. उन्होंने 8 वर्ष के कार्यकाल के दौरान कई ऐसे काम कराए, जो राष्ट्र के विकास का प्रतीक चिह्न बन गए. इनमें स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, वॉर मेमोरियल और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट, नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे बड़े निर्माण कार्य शामिल हैं

देश के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने राष्ट्र की रियासतों को मिलाकर ‘एक भारत’ बनाया. उनकी याद में मोदी गवर्नमेंट ने एक महान स्टेच्यू बनाकर दुनिया को हिंदुस्तान की एकजुटता यानी यूनिटी का बड़ा संदेश दिया. इसके लिए देशभर से लोहा एकत्र किया गया. सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पीएम नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को पटेल जयंती के दिन उद्घाटन कर इसे देश को समर्पित किया. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. 

मोदी के कार्यकाल में प्रारम्भ हुआ सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट

पीएम मोदी ने नए संसद भवन के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की आरंभ की. सितंबर 2021 में वे स्वयं इसके निर्माण की प्रगति का जायजा लेने गए थे. नया संसद भवन पुराने भवन से 17 हजार वर्गमीटर बड़ा होगा. इसे 971 करोड़ रुपये की लागत से कुल 64500 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाया जा रहा है. इसका ठेका टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है और इसका डिजाइन एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. कई सालों से नए संसद भवन की मांग की जा रही थी, लेकिन मोदी गवर्नमेंट के कार्यकाल में इसका निर्माण प्रारम्भ हुआ जो तेजी से जारी है.

पीएम मोदी के सपनों का स्टेडियम, जो बना ‘नमस्ते ट्रंप’ का गवाह

अहमदाबाद में नमो स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है. 2020 की आरंभ में यह स्टेडियम ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम का गवाह बना था. यह मोदी के सपनों का स्टेडियम है. मोदी चाहते थे कि यहां एक बड़ा स्टेडियम बने. गुजरात की गवर्नमेंट ने ये कर दिखाया. करीब 63 एकड़ से अधिक एरिया में यह स्‍टेडियम फैला है. यह ओलिंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का स्‍टेडियम है. एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई जानकार इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई है. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है. इसमें ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिये केवल 30 मिनट लगते हैं.

जवानों की वीरगाथा कहता नेशनल वॉर मेमोरियल

फरवरी 2019 में इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने किया. राष्ट्र के लिए शहीद होने वाले जवानों की याद में बना यह वॉर मेमोरियल राष्ट्र की जनता को यह बताता है कि राष्ट्र के लिए किस तरह जवान हंसते हंसते शहीद हो जाते हैं. खासकर बच्चों को भी जवानों की यह वीर गाथा इस वॉर मेमोरियल में देखने को मिलती है. यह वॉर मेमोरियल 40 एकड़ जमीन में बना है, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना की 6 अहम लड़ाइयों का जिक्र है. मेमोरियल में करीब 26 हजार सैनिकों के नाम दीवार पर दर्ज किए गए हैं. इसमें चार लेयर बनाई गई हैं, यानी चार चक्र. सबसे अंदर का चक्र अमर चक्र है जिसमें 15.5 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ है जिसमें अमर ज्योति जलती रहेगी. यह मोदी गवर्नमेंट ही है जिसने 50 सालों से नयी दिल्ली के दिल में बने इण्डिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति की ज्वाला अब निकट बने नेशनल वॉर मेमोरियल में प्रज्वलित करने का फैसला लिया.