अमरनाथ यात्रा को लेकर उत्साहित हैं साधू पढे क्या बोले साधू

अमरनाथ यात्रा को लेकर उत्साहित हैं साधू पढे क्या बोले साधू
Covid-19 महामारी (Covid-19) के कारण दो वर्ष के अंतराल के बाद अगले हफ्ते प्रारम्भ होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) में इस बार साधुओं समेत श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में भाग लेने की आसार है और उन्होंने राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचना भी प्रारम्भ कर दिया है.

ओल्ड सिटी के पुरानी मंडी क्षेत्र में आधार शिविर राम मंदिर में सैकड़ों साधू और साध्वी डेरा डाल रहे हैं और वे दक्षिण कश्मीर के हिमालय में 3,880 मीटर लंबी पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग‘बर्फानी बाबा’ के दर्शन करने के लिए तीर्थयात्रा के बहाल होने को लेकर उत्साहित हैं.  यह 43 दिवसीय यात्रा दो मार्गों से 30 जून से प्रारम्भ होगी, जिसमें दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा नुनवान और मध्य कश्मीर के गंदेरबल में 14 किलोमीटर लंबा छोटा मार्ग बालटाल है.

यात्रा प्रारम्भ होने से एक दिन पहले जम्मू में भगवती नगर और राम मंदिर से साधुओं समेत श्रद्धालुओं का पहला जत्था कश्मीर के दोनों आधार शिविरों के लिए रवाना होगा. आधार शिविरों पर किसी भी आतंकी हमले को रोकने और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के अभूतपूर्व व्यवस्था किए गए हैं.

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मंदिर परिसर में बड़े बैठक भवन के भीतर छोटे समूहों में रह रहे और ‘‘बम बम भोले” तथा ‘‘हर हर महादेव” जैसे नारे लगा रहे साधू आतंकी खतरे से बेपरवाह हैं और उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए कोई मामला नहीं है.” असम के एक महंत श्री राजा गिरि ने कहा, ‘‘हम सिर्फ धर्म को जानते हैं और हमारा धर्म सनातन है जो हमें सभी से प्रेम करना सिखाता है. हम अपने ईश्वर से मुलाकात करने के लिए एक धार्मिक यात्रा पर हैं और हमें सिर्फ इसकी परवाह है.

महिलाओं समेत 12 शिष्यों के साथ आए महंत ने बोला कि धर्म राजनीति से ऊपर है और राजनीति लोगों को बांटती है. ऐसे ही विचार साझा करते हुए पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी की साध्वी सपना दास ने बोला कि वह ‘बाबा’ से मिलने जा रही हैं और पूरी दुनिया के लिए उनका आशीर्वाद मांगेंगी.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने लिए कुछ नहीं चाहिए लेकिन मैं देशवासियों और पूरे विश्व के लोगों के लिए आशीर्वाद मांगूंगी. हम आतंकियों को सदबुद्धि देने के लिए भी प्रार्थना करेंगे, जो बेगुनाह लोगों की जान ले रहे हैं.” जोश से परिपूर्ण राजस्थान के महंत राम गिरि राज राजाश्री नागा ने बोला कि वह पहली बार गुफा मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम वहां जाने को लेकर खुश हैं और सुरक्षा तथा अन्य बंदोबस्त से संतुष्ट हैं. हमें बिना किसी कठिनाई के तीर्थयात्रा पूरी होने की आशा है.

4,000 से अधिक साधुओं के ठहरने की क्षमता वाले मंदिर के प्रमुख महंत रामेश्वर दास ने बोला कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था किए गए हैं कि साधुओं को कोई परेशानी न हो. उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा की गयी प्रबंध पर संतोष व्यक्त करते हुए महंत ने बोला कि यह यात्रा सदियों से ‘‘हिंदू-मुस्लिम” एकता का उदाहरण है लेकिन कुछ देश विरोधी तत्व हैं जो यात्रा में बाधा डालकर साम्प्रदायिक सौहार्द्र और भाईचारे को बिगाड़ने की प्रयास कर रहे हैं.

इस बीच, जम्मू में भगवती नगर के मुख्य ट्रांजिट शिविर को पुलिस तथा अर्द्धसैन्य बलों ने यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के अनुसार पूरी तरह सील कर दिया है. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘विशेष आईडी प्रूफ रखने वाले लोगों को ही परिसर के भीतर जाने की अनुमति है.क्षेत्र में और उसके आसपास बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और नज़र ड्रोनों को तैनात किया गया है. जम्मू नगर निगम (जेएमसी) के आयुक्त राहुल यादव ने बोला कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि यात्रा इस वर्ष ‘कचरा मुक्त’ हो.(एजेंसी)