नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से ये क्यों पूछ रही ED

नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी से ये क्यों पूछ रही ED

नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मुकदमा से जुड़े मनी लॉन्डरिंग मुद्दे में कई दिनों से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ का सामना कर रहे राहुल गांधी ने अब बताया है कि जांच एजेंसी ने आखिर उनसे क्या पुछा. राहुल गांधी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बताया कि, प्रवर्तन निदेशालय के अफसर उन्हें (राहुल को) धीरज से सभी प्रश्नों का उत्तर देते हुए देख दंग हुए और उन्होंने उनसे पुछा कि उनकी एनर्जी का राज क्या है? हालांकि, राहुल ने कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं को ये नहीं बताया कि, उनसे नेशनल हेराल्ड मुद्दे में क्या प्रश्न पूछे गए.

कांग्रेस के लोकसभा सांसद ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के अफसर भी उनका धीरज देखकर दंग थे. वो पूछ रहे थे कि आखिर उनकी एनर्जी का राज क्या है? राहुल गांधी ने बुधवार को बोला कि प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों ने मुझसे पूछा कि आप इतनी देर तक कैसे बैठ सकते हैं? उन्होंने उत्तर दिया कि वो विपश्‍यना करते हैं. राहुल गांधी का बोलना था कि ये सुनने के बाद प्रवर्तन निदेशालय के अफसर उनसे विपश्‍यना के बारे में पूछने लगे. राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बोला कि उन्होंने जांच एजेंसी के सभी प्रश्नों का उत्तर दिया. लेकिन यहाँ भी राहुल ने यह नहीं बताया कि प्रश्न क्या थे. 

उन्होंने बोला कि वो प्रवर्तन निदेशालय मुख्यालय के छोटे से कमरे में वो तीन-चार ऑफिसरों के साथ अकेले नहीं थे. उनके साथ वहां कांग्रेस पार्टी के लोग भी थे, जो मोदी गवर्नमेंट के खिलाफ बिना डरे लड़ रहे हैं. बैठक का आयोजन AICC में किया गया था. राहुल ने बोला कि चीन की घुसपैठ के बीच सेना को सशक्त करना चाहिए, मगर गवर्नमेंट सेना को कमजोर कर रही है. जब युद्ध होगा तब इसका रिज़ल्ट सामने आएगा. 

अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं राहुल ने बीजेपी पर भी तंज कसा, उन्हें बोला कि ये लोग अपने आप को देशभक्त कहते हैं? उनका बोलना था कि गवर्नमेंट को कृषि कानूनों की तरह ही अग्निपथ योजना भी वापस लेना ही पड़ेगा. उन्होंने बोला कि पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी को तोड़ दिया है. राष्ट्र अब रोजगार नहीं दे सकेगा. वन रैंक, वन पेंशन की बात करते थे, अब नो रैंक, नो पेंशन हो गया है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र को दो-तीन उद्योगपतियों के हवाले कर दिया है.


उदयपुर हत्याकांड की वजह से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका

उदयपुर हत्याकांड की वजह से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका

राजस्थान (Rajasthan) के उदयपुर (Udaipur) में टूरिज्म इंडस्ट्री (Tourism Industry) से जुड़े लोगों का दावा है कि दर्जी कन्हैया लाल (Tailor Kanhaiya Lal) की मर्डर की वजह से पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है घटना की वजह से उदयपुर आने वाले टूरिस्ट्स ने अगले दो महीनों के लिए होटलों में आधे से अधिक बुकिंग रद्द कर दी हैं उदयपुर में ज्यादातर लोगों के लिए टूरिज्म आजीविका का मुख्य साधन है और इससे जुड़े लोगों को डर है कि इस वारदात से बड़े पैमाने पर उदयपुर में टूरिस्ट्स की आवाजाही प्रभावित हो सकती है सितंबर से प्रारम्भ होने वाले टूरिस्ट सीजन पर इस घटना का नकारात्मक असर पड़ेगा

50 प्रतिशत से अधिक बुकिंग हुईं रद्द

उदयपुर के होटल एसोशिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कारोही हवेली होटल के मालिक सुदर्शन देव सिंह ने बताया, ‘इस वारदात के बाद लोगों ने एडवांस बुकिंग रद्द करना प्रारम्भ कर दिया जुलाई और अगस्त महीने में मानसून के मौसम के दौरान हफ्ते अंत के लिए मेरे पास अच्छी संख्या में टूरिस्ट्स आने वाले थे लेकिन घटना के बाद अगले 2 महीनों के लिए 50 फीसदी से अधिक बुकिंग पिछले 5-6 दिनों के दौरान रद्द कर दी गई’ उन्होंने बोला कि कोविड-19 वायरस महामारी की वजह से टूरिज्म इंडस्ट्री पहले से प्रभावित था और इस वर्ष अच्छे बिजनेस की आशा थी लेकिन इस घटना ने उदयपुर की छवि को बुरी तरह प्रभावित किया है

शांतिपूर्ण शहर रहा है उदयपुर

जयपुर में राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के सचिव संजय ने कहा, ‘उदयपुर एक बहुत ही शांतिपूर्ण शहर रहा है और ऐसा कोई घृणित क्राइम आज तक नहीं हुआ यह न सिर्फ उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान जहां टूरिज्म एक प्रमुख उद्योग है, के लिए एक झटका है’ उन्होंने कहा, ‘उदयपुर आने वाले कई टूरिस्ट्स ने घटना को देखते हुए अपनी एडवांस बुकिंग को रद्द कर दिया है उदयपुर सुन्दर स्थानों के अतिरिक्त शांतिपूर्ण वातावरण के कारण पर्यटकों का आकर्षण का केंद्र था लेकिन इस घटना से नकारात्मक असर पड़ा है

झीलों की नगरी के नाम से मशहूर है उदयपुर

हरे-भरे स्थानों और पहाड़ियों से घिरा उदयपुर झीलों की नगरी के नाम से मशहूर पर्यटन स्थल है जो अपने शांत वातावरण और झीलों के लिए जाना जाता है इसे राष्ट्र के पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष जगह मिला हुआ है यह हस्तशिल्प का भी केंद्र है

उदयपुर आने वाले ज्यादातर टूरिस्ट जगदीश चौक, हाथी पोल क्षेत्र ओर मालदास गली का दौरा करते हैं मालदास गली के पास एक दुकान में मंगलवार को दर्जी कन्हैया लाल की मर्डर हुई थी ज्यादातर हस्तशिल्प, वस्त्र, और आभूषणों की दुकानें इसी क्षेत्र में हैं