दूल्हा-दुल्हन को शादी के पहले क्यों लगाया जाता है हल्दी का उबटन

दूल्हा-दुल्हन को शादी के पहले क्यों लगाया जाता है हल्दी का उबटन

दूल्हा-दुल्हन को शादी के समय कई तरह की रस्में निभानी पड़ती है। जिनके बिना शादी अधूरी मानी जाती है। इन्ही रस्मों से एक है हल्दी की रस्म जो सबसे पहले की जाती है। हल्दी का लेप लगाने से कई तरह के फायदे होते है। इस रस्म को पूरा करने के लिए हल्दी के उबटन में चंदन, बेसन और कई सुगंधि‍त तेल मिलाए जाते है। जो त्वचा में चमक लाने का काम करते है। 

क्यों लगाया जाता है हल्दी का उबटन

हल्दी का उपयोग काफी लंबे समय से त्वचा के निखार के लिए होता आ रहा है। यह एक औषधिय जड़ी बूटी है इसका इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोगो को दूर करने के लिए किया जाता है।

हल्दी से चेहरे के दाग धब्बे दूर रहते है। ताकि चेहरे के सारे दाग-धब्बे दूर हो जाएं। इसे शादी से पहले इसलिए लगाया जाता है ताकि इसका उपयोग करने से चहरे में प्राकृतिक चमक आ जाए।

सर्दी और गर्मी हर मौसम में त्वचा सनटैन हो जाती है। यह सभी समस्याए सूरज की हानिकारक यूवी किरणों की वजह से होती है। और इसे हल्दी की मदद से दूर किया जा सकता है।

शादी के दौरान काफी काम आ जाने से तनाव, नींद का पूरा ना होना, और पानी की कमी से चेहरे पर डार्क सर्कल्स हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए हल्दी का लेप काफी अच्छा उपचार माना गया है।


नवरात्रों में माता आशीर्वाद पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

नवरात्रों में माता आशीर्वाद पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

अब श्राद पूरे होते ही नवरात्री प्रारम्भ हो जायेंगे। नवरात्रो में माँ दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती है। हमारे शास्त्रो में माँ दुर्गा के नौ रुपों के बारे में बताया गया है तथा इनकी पूजा के विशेष फल भी बताए गए हैं। अगर आप भी माँ दुर्गा की विशेष कृपा पाना चाहते है तो हम आपको सरल उपाय बता रहे है। 

इन बातों का रखें ध्यान:

# नवरात्री के नौ दिन माँ दुर्गा के नवार्ण मंत्र जाप करना चाहिए। अगर संभव तो नौ दिनों तक माता का व्रत रखें।

# माँ दुर्गा की पूजा में तुलसी और दूर्वा चढ़ाना निषेध माना गया है.इसलिए माँ की पूजा में इनका प्रयोग ना करे।

# माँ की पूजा करते वक़्त हमेशा लाल वस्त्र पहन कर माँ की पूजा करे। अपने घर के मंदिर को सजा कर फूलो से माँ की पूजा करे।

# देवी माँ के नाम से नौ दिनों तक घर में अखंड ज्योति की स्थापना करे। देवी माँ की पूजा में हमेशा लाल रंग आसान का ही प्रयोग करे और पूजा के बाद इस आसान को लपेट कर रख दे।

# माँ की पूजा में दूध और शहद का इस्तेमाल करे। पूजा के आखिरी दिन कन्या पूजन कर के व्रत की समाप्ति करे, क्योंकि बिना कन्या पूजन के माँ दुर्गा की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।