मंदिर जाते समय क्यों घर से ही ले जाना चाहिए जल जाने

मंदिर जाते समय क्यों घर से ही ले जाना चाहिए जल जाने

 हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का कितना महत्व है, यह बताने की आवश्यकता नहीं भगवान के दर्शन मात्र से ही दिन शुभ और मंगल महसूस होने लगता है वहीं, वास्तु शास्त्र कहता है कि पूजा करने के भी कुछ नियम होते हैं हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि पूजा के समय हम उन नियमों की अनदेखी कर देत हैं और फिर वो गलतियां हमारे सामने कठिनाई खड़ी कर देती हैं इसलिए महत्वपूर्ण है कि हम नियमों के बारे में जानकारी रखें बोला जाता है कि ठीक ढंग से की गई पूजा हमेशा अच्छा फल देती है और घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है 

इन बातों का रखना होगा ध्यान
कभी भी मंदिर में पूजा करने जाएं तो हमेशा अपने घर से ही जल भरा हुआ पात्र ले जाएं और भगवान शिव पर चढ़ाएं वहीं, मंदिर में लगे उपस्थित पीपल पेड़ को भी जल अर्पण करें इसके बाद उसकी 7 बार परिक्रमा करें

कभी न नकारें इस नियम को, न वापस न लाएं खाली लोटा
कहा जाता है कि मंदिर में जल अर्पण करने के बाद खाले लोटे को घर नहीं लाना चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से कामयाबी में रुकावट पैदा होती है इसलिए जब भी मंदिर में भगवान को जल अर्पित करें, तो हमेशा थोड़ा सा जल लोटे में बचा लें 

घर के मुख्य द्वार पर छिड़कें जल
मंदिर से वापस आकर, लोटे में बचे जल को अपने घर के सामने बिखेर जें और घर के अंदर भी छिड़कें वास्तु शास्त्र कहता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और आर्थिक स्थिति भी बेहतर होने लगती है